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आलू व्यापार को आक्सीजन मिलनी शुरू
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:12 AM IST
सार
- 24 घंटे में 90 रुपये चढ़ गया आलू का भाव
- कच्चे की खोदाई रुकने से बढ़े दाम, मौसम का पूर्वानुमान भी बना सहायक
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विस्तार
आलू व्यापार को आक्सीजन मिलनी शुरू हो गई है। कच्चे आलू की खोदाई रोकने से आलू के दाम में बढ़ोतरी हुई है। किसानों को 23 दिन में आलू से घाटे को पूरा करना होगा। किसानों की निगाहें आलू मंडी की ओर टिक गई हैं। आसमान में चढ़े बादल, कोल्ड खाली करने की डेड लाइन और नए आलू की निकासी ने जिले में आलू का भाव जमीन पर ला दिए थे।
आलू शीतगृह से 130 रुपये पैकेट मिलने लगा था। जिसमें किसानों के कोल्ड का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा था। इधर, किसानों ने नए आलू की खोदाई भी शुरू कर दी। जिससे आलू का बाजार और गिर गया। फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कानपुर आदि स्थानों पर आलू मुफ्त में बांटा जाने लगा, लेकिन कन्नौज के किसानों ने कच्चे आलू की खोदाई रोककर आलू के दामों को सुधार दिया है।
हालात ये हैं कि 130 रुपये पैकेट का आलू बुधवार को बाजार में 240 रुपये पैकेट बिका। बाजार भाव सुधरता देख किसानों ने आलू की खोदाई दोबारा शुरू कर दी है। जलालपुर पनवारा, यशोदा, जलालाबाद आदि क्षेत्रों में किसान पूरे परिवार के साथ आलू की खोदाई करते नजर आए। किसान योगेंद्र यादव, अहिवरन पाल, नरेश, शीलू, गोविंद, विनय ने बताया कि मौसम खुल गया है।
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बाजार के हिसाब से काम करना पड़ेगा। वर्ना नुकसान हो जाएगा। इसेंट क्यों बिगड़ा आलू का रेट जिले में 48 हजार 500 हेक्टेयर में आलू की बुवाई साल 2016 में किसानों ने की थी। अचानक 500 व एक हजार के नोटबंदी ने आलू के बाजार को धरातल पर ला दिया। हालात ये हैं कि आलू का पैकेट 90 रुपये से लेकर 130 रुपये के भाव पर जा पहुंचा।
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आलू शीतगृह से 130 रुपये पैकेट मिलने लगा था। जिसमें किसानों के कोल्ड का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा था। इधर, किसानों ने नए आलू की खोदाई भी शुरू कर दी। जिससे आलू का बाजार और गिर गया। फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कानपुर आदि स्थानों पर आलू मुफ्त में बांटा जाने लगा, लेकिन कन्नौज के किसानों ने कच्चे आलू की खोदाई रोककर आलू के दामों को सुधार दिया है।
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हालात ये हैं कि 130 रुपये पैकेट का आलू बुधवार को बाजार में 240 रुपये पैकेट बिका। बाजार भाव सुधरता देख किसानों ने आलू की खोदाई दोबारा शुरू कर दी है। जलालपुर पनवारा, यशोदा, जलालाबाद आदि क्षेत्रों में किसान पूरे परिवार के साथ आलू की खोदाई करते नजर आए। किसान योगेंद्र यादव, अहिवरन पाल, नरेश, शीलू, गोविंद, विनय ने बताया कि मौसम खुल गया है।
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बाजार के हिसाब से काम करना पड़ेगा। वर्ना नुकसान हो जाएगा। इसेंट क्यों बिगड़ा आलू का रेट जिले में 48 हजार 500 हेक्टेयर में आलू की बुवाई साल 2016 में किसानों ने की थी। अचानक 500 व एक हजार के नोटबंदी ने आलू के बाजार को धरातल पर ला दिया। हालात ये हैं कि आलू का पैकेट 90 रुपये से लेकर 130 रुपये के भाव पर जा पहुंचा।