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पुलिस का खेल: खनन और वसूली के खेल में शामिल थे पुलिस कर्मी, दरोगा और दो सिपाही निलंबित, जानें पूरा मामला

Fri, 05 Aug 2022 09:33 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 05 Aug 2022 09:33 AM IST
सार

पिछले साल लखनऊ की टीम ने खनन माफिया को दबोचा था। पुलिस ने एक बरामद मोबाइल दाखिल करने के बाद गायब कर दिया गया। बता दें कि मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये खनन माफिया और पुलिसकर्मी जुड़े थे। इस मामले में शासन के आदेश पर हुई जांच के बाद कार्रवाई की गई है।

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Police personnel were involved in mining and recovery game, three policemen including inspector suspended
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर आउटर में तैनात एक  दरोगा और दो सिपाहियों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया है। खनन और वसूली के खेल में शामिल होने पर शासन के आदेश पर तीनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। दरोगा वर्तमान में सजेती और दोनों सिपाही महाराजपुर थाने में तैनात थे। जब तीनों पुलिसकर्मी सजेती थाने में तैनात थे, तब प्रकरण उजागर हुआ था। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू हुई है। 

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पिछले 18 अगस्त 2021 को शासन की एक टीम सजेती इलाके में पहुंची थी। इस दौरान अवैध खनन पकड़ा था। इसमें कुबेर सिंह समेत दो नामजद समेत 55 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया था। केस खनन निरीक्षक केबी सिंह ने दर्ज कराया था। इस दौरान एक आरोपी का मोबाइल भी पुलिस ने कब्जे में लिया था। जिसको लिखापढ़ी में दाखिल किया गया था लेकिन बाद में वह मोबाइल गायब कर दिया गया। जो अब तक नहीं मिला।

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यह इसलिए किया गया क्योंकि मोबाइल से सजेती थाने के पुलिसकर्मी भी फंसते। इस बीच शासन ने इस केस के बारे में जानकारी ली। तब पता चला कि विवेचना में कुछ हुआ नहीं और मोबाइल गायब है। शासन ने उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के बाद दरोेगा सूर्य देव चौधरी, सिपाही अनमोल तिवारी व सिपाही यतिन को निलंबित कर दिया गया। सूर्य देव अभी भी सजेती में तैनात थे और वही केस के विवेचक थे। दोनों सिपाहियों की महाराजपुर थाने में तैनाती थी। 

थानेदार की मिलीभगत की आशंका, नोटिस जारी
सजेती के तत्कालीन थानेदार इंस्पेक्टर रावेंद्र मिश्रा भी जांच के दायरे में आ गए हैं। दरअसल निलंबित किये गए दोनों सिपाही रावेंद्र के हमराही थी। अब तक की जांच में कहीं न कहीं उनकी भी भूमिका सामने आ रही है। कुछ साक्ष्य भी सामने जांच के दौरान आए हैं। इसलिए एसपी आउटर ने रावेंद्र मिश्रा को नोटिस जारी किया है। तय समय में इंस्पेक्टर को नोटिस का जवाब देना होगा। उसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। वर्तमान में रावेंद्र मिश्रा की झांसी में तैनाती है। 

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मामले की विस्तृत जांच कराई गई। जिसमें तीन पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। जिनको निलंबित कर दिया गया है। अब विभागीय कार्रवाई कर उनको दंडित किया जाएगा। इसमें और किन किन की भूमिका है वह भी जांचा जा रहा है।  -तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर 

खनन माफिया के मोबाइल से चला रहे थे वसूली का रैकेट 
खनन माफिया से बरामद मोबाइल से निलंबित किये गए पुलिसकर्मी वसूली का रैकेट चला रहे थे। कुछ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे, जिसमें खनन माफिया व पुलिसकर्मी जुड़े हुए थे। खनन व वसूली की बातचीत उसी के जरिये होती थी। इसलिए यह मोबाइल गायब किया गया। मोबाइल अगर हाथ लगता तो यह पूरा खेल उजागर हो जाता। हालांकि अब पुलिसकर्मी और अधिक फंस गए हैं। 

लिखापढ़ी में मोबाइल दाखिल किया गया था। फिर अचानक मोबाइल गायब हो गया। इसलिए प्रकरण बेहद गंभीर है। जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने उस मोबाइल को वसूली करने में इस्तेमाल किया। बाकायदा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। जिसमें खनन माफिया, उनके गुर्गों को जोड़ा गया। इन्हीं ग्रुपों में अवैध खनन की डील होती थी। इससे संबंधित भी शिकायत ऊपर तक पहुंची। हैरानी की बात ये है कि अभी भी यह फोन नहीं मिला है। सवाल है कि मोबाइल अभी किसी के पास या नष्ट कर दिया गया इसकी भी जानकारी नहीं हो सकी है। आगे की जांच में इस बारे में जानकारी मिल सकती है। 

आखिर थानेदार कर क्या रहे थे
दोनों सिपाही थानेदार रावेंद्र मिश्रा के हमराही थे और विवेचक उनके थाने का दरोगा। इसके बावजूद इतना बड़ा खेल हो जाए और थानेदार को पता न लगे ऐसा संभव नहीं है। पूरी संभावना है कि इस पूरे खेल में कहीं न कहीं थानेदार भी शामिल रहा है। हैरानी इस बात की भी है कि अभी तक वह कार्रवाई से कैसे बच गए। क्या कोई हाथकंडा अपनाया है। हालांकि नोटिस जारी हुआ है तो देखना होगा कि भविष्य में उन पर कार्रवाई की जाती है या नहीं। 

आउटर में अवैध खनन और वसूली का है बड़ा खेल
आउटर इलाके में अवैध खनन बड़े पैमाने पर होता है। बिठूर, सचेंडी, चौबेपुर, शिवराजपुर, ककवन, सजेती, महाराजपुर, बिधनू समेत कई और इलाके हैं जहां खनन माफिया गंगा को छलनी कर रहे हैं। मिट्टी का अवैध खनन कर खेत तालाब बनाए दे रहे हैं। इसमें पुलिस प्रशासन की मिलीभगत रहती है। अवैध खनन व वसूली का खेल हमेशा चलता है। कई सत्ताधारी भी इसमें शामिल हैं। इसलिए कभी कार्रवाई नहीं होती।

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