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Kanpur News: केस्को कार्यालय में पीएफ घोटाले के साक्ष्य ढूंढ़ने पहुंची पुलिस
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कानपुर। पीएफ घोटाले में अध्यक्ष अवनीश दीक्षित और उनकी पत्नी का नाम कोर्ट में बढ़ने के बाद अब पुलिस साक्ष्य तलाश रही है। टीम ने केस्को कार्यालय पहुंचकर मुकदमे से संबंधित दस्तावेज जुटाये। मास्टरमाइंड सुनील शुक्ला फरार है।
कर्मचारी भविष्य निधि की प्रवर्तन अधिकारी वंदना पांडेय ने सिंतबर 2022 में काकादेव थाने में ललित गुप्ता और मुकुल चौबे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि फर्जी संविदा कर्मियों को दर्शाते हुए करीब 90 लाख रुपये अपने जानने वालों को खातों में ट्रांसफर करा लिए गए थे। आरोप है कि पुलिस ने अवनीश दीक्षित के रसूख के कारण कंपनी के निदेशक सुनील शुक्ला का नाम मुकदमे से निकाल दिया था। अब अवनीश दीक्षित और उनकी पत्नी का नाम बढ़ने के बाद पुलिस ने उससे जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। काकादेव थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि सुनील शुक्ला की कंपनी से अवनीश के लेनदेन, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किसने किए, किन लोगों के नाम पैसा निकाला गया जैसे साक्ष्यों की तलाश के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की।
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कर्मचारी भविष्य निधि की प्रवर्तन अधिकारी वंदना पांडेय ने सिंतबर 2022 में काकादेव थाने में ललित गुप्ता और मुकुल चौबे पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि फर्जी संविदा कर्मियों को दर्शाते हुए करीब 90 लाख रुपये अपने जानने वालों को खातों में ट्रांसफर करा लिए गए थे। आरोप है कि पुलिस ने अवनीश दीक्षित के रसूख के कारण कंपनी के निदेशक सुनील शुक्ला का नाम मुकदमे से निकाल दिया था। अब अवनीश दीक्षित और उनकी पत्नी का नाम बढ़ने के बाद पुलिस ने उससे जुड़े साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। काकादेव थाना प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि सुनील शुक्ला की कंपनी से अवनीश के लेनदेन, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किसने किए, किन लोगों के नाम पैसा निकाला गया जैसे साक्ष्यों की तलाश के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की।
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