नक्सलियों से गांजा खरीदकर ला रहे थे पुलिस ने धर दबोचा, ऐसे होती है डिलीवरी
एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने रविवार को रेल बाजार थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि शनिवार रात आईजी की क्राइम ब्रांच, एसएसपी की स्वॉट टीम और रेलबाजार पुलिस ने जीटी रोड स्थित सीओडी क्रासिंग के पास एक ट्रक रोका। यह देख चालक और ट्रक में सवार दो अन्य लोग कूदकर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर तीनों को पकड़ लिया। इनमें ट्रक चालक प्रेम पाल ज्योना रशीदपुरमई कायमगंज (फर्रुखाबाद) निवासी है।
वहीं गैंग का सरगना राहुल सिंह चौहान उर्फ मोनू निवासी सदापुर टीला कायमगंज (कन्नौज) और उत्तरीपूरा बिल्हौर निवासी ब्रोकर ज्ञान सिंह है। ट्रक चालक ने बताया कि वह प्लास्टिक दाने की आड़ में गांजा भी लेकर आ रहा था। उसने विशाखापट्नम, उड़ीसा से नोएडा के लिए प्लास्टिक दाना बुक किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से उसने गांजा लोड किया। सरगना के मुताबिक माल की डिलीवरी करते हुए उसे आगे बढ़ना था लेकिन इसके पहले ही पकड़ लिया गया। एसपी ने बताया कि दिल्ली निवासी ट्रक मालिक सर्वेश कुमार की भी भूमिका की जांच की जा रही है। बरामद गांजा के साथ ही ट्रक को भी सीज किया गया है।
नक्सली पास कराते हैं ट्रक
ट्रक चालक और सरगना ने बताया कि नक्सली ही जगदलपुर से गांजा सप्लाई करते हैं। नक्सलियों से जुड़े लोग ट्रक मेें गांजा लोड कराते हैं। फिर नक्सली अपने इलाके से ट्रक को निकलवाते हैं। इसके बाद डिलीवरी देने की जिम्मेदारी उन लोगों की होती है।
ऐसे होती है डिलीवरी
सरगना राहुल ने बताया कि जिसे डिलीवरी देनी होती है, उसे ट्रक का नंबर और रूट बता दिया जाता है। जब ट्रक रूट पर पहुंचता है तो वे लोग पहले से ही वहां खड़े हो जाते हैं। इसके बाद ट्रक को किसी ढाबे में ले जाते हैं। वहीं पर मौका देखकर माल थमा देते हैं।
केबिन में किया जुगाड़
चालक प्रेमपाल ने बताया कि उसने तस्करी के लिए केबिन के ऊपर अलग से बॉक्स भी बनवा रखा है। थोड़ा बहुत माल यहां भी छिपाकर रखता था। छत्तीसगढ़ से गाजियाबाद तक गांजा पहुंचाने के लिए उसने 18 हजार रुपये भाड़ा लिया था। इसके बारे में ट्रक मालिक को कोई जानकारी नहीं थी।