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Kanpur: पीएनबी के 17 कर्मचारियों को नोटिस, पीड़ित बोला- मुझसे कहा...चाभी लिए घूमते रहो, देखते हैं कितना दौड़ोगे

Sun, 15 Jan 2023 12:03 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 15 Jan 2023 12:03 AM IST
सार

पीएनबी के लॉकर गायब होने के मामले में किदवईनगर शाखा के 17 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। मामले में विवेचक ने नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। बता दें कि ये कर्मचारी 2013 से 2018 तक शाखा में तैनात रहे हैं।

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PNB locker case, Notice to 17 employees of bank, the victim accused Lucknow DGM
पीएनबी की शाखा पहुंचे ग्राहक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में पीएनबी की किदवईनगर शाखा से लॉकर गायब होने के मामले में शनिवार को विवेचक ने बयान दर्ज कराने के लिए 17 बैंक कर्मियों को नोटिस भेजा है। लॉकर सेवा से संबंधित ये कर्मचारी यहां 2013 से 2018 तक तैनात रहे हैं।

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रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी रमेशचंद्र तिवारी के छोटे बेटे अनीश कुमार ने बताया कि पिता ने 2007 में पीएनबी की किदवईनगर शाखा में लॉकर लिया था। उन्हें लाकर संख्या 20 और चाभी संख्या 76 मिली थी। इसमें करीब 25 लाख के जेवर रखे थे।
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पिता के वृद्ध होने के कारण वर्ष 2013 के बाद लॉकर ऑपरेट नहीं हुआ। 2018 में पिता बैंक पहुंचे तो उन्हें दूसरा लॉकर दिखाया गया। कुछ दिन बाद दोनों बेटों के साथ बैंक पहुंचे तो भी लॉकर नंबर 20 की जगह एसी-20 लिखा लॉकर दिखाया गया। प्रबंधन के कहने पर लॉकर खोलना चाहा, लेकिन उसमें चाभी नहीं लगी।

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इस दौरान चपरासी ने प्रबंधक मनोज सिंह को बताया कि वर्ष 2014 में कुछ लॉकर पीएनबी की जागेश्वर शाखा में शिफ्ट हुए थे। इसके बाद रमेशचंद्र दोनों बेटों के साथ जागेश्वर शाखा पहुंचे। यहां उन्हें लॉकर नंबर जेसी-20 दिखा। हालांकि बताया गया कि यह दो महिलाओं के नाम आवंटित है।

आरबीआई, जनलोकपाल तक शिकायत पर मदद नहीं मिली
पीड़ित ने बैंक की मुख्य शाखा, रिजर्व बैंक, जनलोकपाल में शिकायत की, लेकिन कहीं से भी उन्हें मदद नहीं मिली। तब उन्होंने डीसीपी साउथ से गुहार लगाई। उनके आदेश पर नौबस्ता थाने में अमानत में खयानत, धोखाधड़ी, कूटरचना करना आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई।

शुक्रवार को पिता-पुत्र विवेचक विराट नगर चौकी प्रभारी उदय प्रताप सिंह से मिले और बयान दर्ज कराए। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि विवेचक ने बैंक प्रबंधन से बैंक कर्मियों की लिस्ट ले ली थी। बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है।

चाभी लिए घूमते रहो, देखते हैं कितना दौड़ोगे
पीड़ित के बेटे अनीश ने बताया कि जब वे जनलोकपाल गए, तो लखनऊ के डीजीएम का फोन आया। आरोप लगाया कि उन्होंने फोन पर कहा कि लिखकर दे दो कि कोई कार्रवाई नहीं करनी है। मना करने पर बोले कि फिर चाभी लेकर घूमते रहो... देखते हैं कितना दौड़ोगे। लड़ते रहो कोर्ट में केस।

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