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उरई जेल में रची थी साजिश

Mon, 04 Jul 2016 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Mon, 04 Jul 2016 02:19 AM IST
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Plot was hatched in Orai prison
पकड़े गए अारोपी - फोटो : amarujala

कौशलपुरी में गुरुवार को ज्वैलरी निर्माता के घर पड़ी 50 लाख की डकैती उनके पड़ोसी के पूर्व ड्राइवर ने डलवाई थी। उरई निवासी ड्राइवर ने अपने साथियों के साथ उरई जेल में डकैती की साजिश रची थी और रेकी करने के बाद वारदात करवाई।

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पुलिस ने वारदात में शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार करके 5.39 लाख कैश, चार लाख के जेवर और 315 बोर का तमंचा, कारतूस बरामद किया है। ड्राइवर के पिता को बदमाशों को पनाह देने और माल छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ड्राइवर सहित चार बदमाश अभी फरार हैं। ज्वैलरी निर्माता ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान और बरामद माल की पुष्टि की है।

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रविवार को एसएसपी शलभ माथुर ने प्रेसवार्ता में बताया कि एसओ नजीराबाद जीतेंद्र सिंह, एसओ फजलगंज शशिभूषण मिश्रा, क्राइम ब्रांच सब इंस्पेक्टर शाहिद सिद्दीकी, कांस्टेबल शिवराम की टीम ने कालपी रेलवे स्टेशन के पास दबिश देकर एक बदमाश को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार बदमाश दतिया रोड झांसी निवासी सचिन कोस्टा है। सचिन ने बताया डकैती में उसके साथ उरई के करुणेंद्र चौहान, राघवेंद्र यादव उर्फ लालू, झांसी के दिनेश उर्फ टिंगे और टिप्पी थे।

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एसएसपी के मुताबिक डकैती का मास्टर माइंड राघवेंद्र यादव उर्फ लालू है, जो एक साल पहले सरदार महेंद्र सिंह भल्ला के पड़ोसी का ड्राइवर था। लालू सहित सभी आरोपी मार्च में उरई जेल में बंद थे, वहीं पर डकैती की योजना बनी। लालू को महेंद्र सिंह के घर, परिवार और कारोबार की पूरी जानकारी थी। डकैती के लिए लालू ने पहले से ही रेकी कर रखी थी।

साजिश के तहत सचिन कोस्टा वारदात सेएक दिन पहले बुधवार को शहर आया था और गोविंदनगर के होटल संजय इंटरनेशनल में रुका। बाकी आरोपी लालू की मारुति वैन से गुरुवार को आए थे।

वारदात के एक घंटे पहले सभी आरोपियों ने नजीराबाद में एक दुकान के बाहर कार में बैठकर शराब पी और नानवेज खाया। इसके बाद लालू गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ा हो गया। वहीं से लालू महेंद्र सिंह के लौटने का इंतजार करने लगा। जैसे ही महेंद्र सिंह गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पार करके आगे बढ़े, लालू ने महेंद्र सिंह के घर के पास खड़े बाकी बदमाशों को सूचना दे दी। इस पर करुणेंद्र, सचिन और टिप्पी महेंद्र के घर के ठीक बगल वाली गली में छिप गए।

महेंद्र सिंह जैसे ही घर में घुसे, तीनों बदमाश उनके साथ जबरन घर में दाखिल हो गए और हथियारों के बल पर परिजनों को बंधक बना लिया। तीनों में से एक ने फोन कर बाहर खड़े लालू और टिंगे को भी बुला लिया। फिर सबने मिलकर लूटपाट की। इसके बाद गली के बाहर खड़ी मारुति वैन से सभी बदमाश उरई भाग गए। उरई में लालू यादव के घर पर माल और कैश का बंटवारा हुआ जिसके बाद सब बदमाश अलग-अलग निकल गए।

एसएसपी ने डकैती का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कार और फरार आरोपियों पर पांच हजार के इनाम की घोषणा की है। लालू के पिता मंगल सिंह को बदमाशों को पनाह देने और डकैती का माल छिपाने में गिरफ्तार किया गया है। बताते चलें कि गुरुवार रात कौशलपुरी में ज्वैलरी निर्माता महेंद्र सिंह भल्ला और उनके परिवार को असलहों के बल पर घर में बंधक बनाकर 50 लाख की डकैती डाली गई थी।

 फुटेज और फोन से फंस गए बदमाश
कानपुर।
कौशलपुरी में ज्वैलरी निर्माता के घर 50 लाख का डाका डालने वाले बदमाश तो शातिर थे लेकिन गच्चा खा गए। घर के बाहर गली में लगे सीसीटीवी कैमरों को नजरअंदाज करना और लूट के वक्त मोबाइल यूज करने से सब फंस गए। बदमाशों के चेहरे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे।

मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने सर्विलांस और पारंपरिक पुलिसिंग का सहारा लिया। सीसीटीवी फुटेज को शहर और पास की जेलों में बंद अपराधियों को दिखाया गया। उरई जेल में बंद अपराधियों ने सचिन कोस्टा की पहचान कर ली। पहचान के बाद मुखबिरी नेटवर्क के माध्यम से सचिन की तलाश शुरु हो गई। 

 आरोपियों ने डकैती के दौरान अपने साथियों को फोन कर बुलाया था। यही फोनकाॅल आरोपियों के लिए काल बन गई। सर्विलांस टीम ने महेंद्र सिंह के घर से कनेक्ट मोबाइल टाॅवर की सेल आईडी पर गुरुवार रात सवा 11 से साढ़े 11 के बीच के काॅलें निकाल लीं।

इससे मिली जानकारी को पुलिस ने ‘काॅल माईनिंग टेक्निक’ से डेवलप किया और कुछ संदिग्ध नंबर खोज निकाले। सर्विलांस और पारंपरिक पुलिसिंग से आरोपी चिह्नित हो गए और सचिन धर लिया गया। सचिन को जब वारदात के समय के सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए तो उसने फुटेज के तीन आरोपियों में से खुद को दूसरे नंबर पर बताते हुए शिनाख्त की।



साहब मेरी लूट कब खुलेगी...
साहब मेरी लूट कब खुलेगी... बदमाशों ने गोली मारकर 30 लाख का माल लूट लिया था। इलाज में एक लाख रुपये लग गए, अब मेरे पास कुछ भी नही बचा है। सराफ रमाकांत वर्मा ने रविवार को पुलिस अफसरों से लूट खोलने के लिए इस तरह गुहार लगाई। कल्याणपुर के मसवानपुर में रहने वाले रमाकांत वर्मा की घर के पास ही चित्रा ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। 26 जून को गोली मारकर रमाकांत से जेवर भरा बैग लूट लिया गया था।  

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