पिंटू सेंगर हत्याकांड: एक अधिवक्ता की शह पर रोशन लारी ने संभाला गैंग, APC बोले- जांच कर होगी सख्त कार्रवाई
Kanpur News: रोशन लारी चकेरी थाने का बड़ा अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2007 से वर्ष 2010 के बीच तीन आपराधिक मामले दर्ज हुए थे, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, एससीएसटी शामिल है। इन सभी मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो गई है।
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कानपुर में बसपा नेता व भूमाफिया पिंटू सेंगर की हत्या के बाद उसके गैंग की कमान एक अधिवक्ता की शह पर चकेरी थाने के हिस्ट्रीशीटर रोशन लारी ने संभाल ली है। अधिवक्ता के जरिये रोशन लारी पुलिस को पिंटू सेंगर हत्याकांड की विवेचना में उलझाकर उसकी संपत्तियों का विवाद निपटाने में लग गया है। सूत्रों के अनुसार हाल में उसने उन्नाव में भूमाफिया से साइट विकसित करने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये लिए हैं। इसके अलावा सनिगवां निवासी माफिया से से एक बड़ा प्लॉट अपने नाम कराया है।
एक साल पहले जेल से छूटने के बाद से लारी इसी काम में जुटा है। बावजूद पुलिस सिर्फ पिंटू सेंगर हत्याकांड और उसके आरोपियों पर नकेल कसने पर केंद्रित है जबकि लारी फिर से जमीन के विवादों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। दरअसल, 20 जून 2020 को दो बाइक सवार चार बदमाशों ने नरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सेंगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में पप्पू स्मार्ट समेत 14 लोगों को जेल भेज दिया। पिंटू सेंगर खुद चकेरी थाने का गैंगस्टर और भू माफिया था।
उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 35 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह विवादित जमीन को कम दामों में खरीदकर महंगे दामों में बेंच देता था। उसके डर और आतंक के चलते कोई सामने नहीं आता था। पिंटू के जीवित रहते लारी और अधिवक्ता सबसे सक्रिय भूमिका में थे। इसके अलावा रानू विश्वकर्मा, साजू, वीरेंद्र पाल, अकबर, फैजान, अफसार कबाड़ी, रोहित ज्वैलर्स समेत कई सक्रिय सदस्य थे। लारी और अधिवक्ता के खिलाफ भी चकेरी, कैंट, महाराजपुर, नौबस्ता, कल्याणपुर, कलक्टरगंज व कोतवाली में 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। चूंकि पिंटू भी अधिवक्ता को काफी मानता था, इसलिए अधिवक्ता की शह पर ही रोशन लारी दोबारा गैंग का संचालन कर रहा है।
पिंटू सेंगर ने संभाली थी संजय एडी गैंग की कमान
पिंटू सेंगर संजय एडी गिरोह का सक्रिय सदस्य था। वर्ष 1996-1997 में संजय के एनकाउंटर के बाद पिंटू सेंगर ने गैंग संभाल लिया। साथ ही अपराध करने के तरीके में बदलाव कर वसूली की जगह चकेरी, जाजमऊ, महाराजपुर में अपने करीबी लोगों के साथ मिलकर विवादित संपत्तियों को खरीदफरोख्त शुरू कर दी। पुलिस से बचने के लिए बसपा में चला गया।
हत्या के मामले जमानत पर बाहर आने के बाद संभाला गैंग
रोशन लारी चकेरी थाने का बड़ा अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2007 से वर्ष 2010 के बीच तीन आपराधिक मामले दर्ज हुए थे, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, एससीएसटी शामिल है। इन सभी मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो गई है। हत्या के मामले में फरार चल रहे रोशन लारी को चकेरी पुलिस ने जेल भेज दिया था। एक साल पहले ही वह जेल से जमानत पर छूटने के बाद पिंंटू सेंगर गिरोह का सरगना बन गया।
पिंटू सेंगर की हत्या में विरोधियों को बनाया गया आरोपी
पिंटू सेंगर का दाहिना हाथ कहे जाने वाले अधिवक्ता ने पिंटू की मौत को भी कमाई जरिया बना लिया। दरअसल, अधिवक्ता पिंटू की सभी विवादित संपत्तियों के पक्षकारों और उसके विरोधियों को जानता था। पिंटू की हत्या के बाद मुख्य आरोपियों को साथ कई विरोधियों को भी आरोपी बनाया। सूत्रों के अनुसार जिनके नाम एफआईआर में शामिल नहीं हो सके, उनसे सुलह के नाम पर रुपये वसूले। इसमें आधा हिस्सा पिंटू सेंगर के परिवार को दे दिया जाता है। ये सारा काम अधिवक्ता रोशन लारी के जरिये करा रहा है।
पिंटू सेंगर गैंग के सदस्यों को भी चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। उनकी आपराधिक गतिविधियों की जांच की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। -हरीश चंदर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था