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पिंटू सेंगर हत्याकांड: पुलिस ने चार्जशीट में किया खेल, नहीं लगाई चार आरोपियों की सीडीआर
Tue, 13 Oct 2020 12:50 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 13 Oct 2020 12:50 PM IST
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पूर्व बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पिंटू सेंगर हत्याकांड में पुलिस ने जांच में एक और बड़ा झोल किया है। मुख्य आरोपी समेत कुछ के मोबाइल नंबरों की सीडीआर (काल डिटेल रिपोर्ट) चार्जशीट में नहीं लगाई। पिंटू के भाई धर्मेंद्र का कहना है कि उन्होंने एडीजी और डीआईजी को पत्र भेजकर सभी आरोपियों की सीडीआर जांच में शामिल करने की मांग की है।
पुलिस ने चार्जशीट में 13 लोगों की कॉल डिटेल लगाई है। मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता, वीरेंद्र पाल व दो अन्य की सीडीआर नहीं लगाई है। पुलिस का दावा है कि मनोज गुप्ता की एक साल से पिंटू सेंगर से बातचीत नहीं हुई। अन्य की लोकेशन मौके पर नहीं थी।
इसी आधार पर उनके नाम केस से हटाए गए। सवाल उठता है कि जिस आधार पर नाम बाहर किए, उस तथ्य को पुलिस ने क्यों नहीं लगाया? एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि आरोपियों के सभी नंबरों की सीडीआर निकाली जा रही है। पता किया जा रहा है कि कौन कितने नंबरों का इस्तेमाल करता था।
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कई नंबर रखते हैं, एक की लगाई गई सीडीआर
पुलिस ने चार्जशीट में साउद अख्तर और महफूज अख्तर के एक-एक मोबाइल नंबर की सीडीआर लगाई है। इस पर पीड़ित परिवार और वकील का कहना है कि दोनों भाई एक से अधिक मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस ने केवल एक नंबर की सीडीआर लगाकर खानापूरी की है।
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पुलिस ने चार्जशीट में 13 लोगों की कॉल डिटेल लगाई है। मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता, वीरेंद्र पाल व दो अन्य की सीडीआर नहीं लगाई है। पुलिस का दावा है कि मनोज गुप्ता की एक साल से पिंटू सेंगर से बातचीत नहीं हुई। अन्य की लोकेशन मौके पर नहीं थी।
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इसी आधार पर उनके नाम केस से हटाए गए। सवाल उठता है कि जिस आधार पर नाम बाहर किए, उस तथ्य को पुलिस ने क्यों नहीं लगाया? एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि आरोपियों के सभी नंबरों की सीडीआर निकाली जा रही है। पता किया जा रहा है कि कौन कितने नंबरों का इस्तेमाल करता था।
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कई नंबर रखते हैं, एक की लगाई गई सीडीआर
पुलिस ने चार्जशीट में साउद अख्तर और महफूज अख्तर के एक-एक मोबाइल नंबर की सीडीआर लगाई है। इस पर पीड़ित परिवार और वकील का कहना है कि दोनों भाई एक से अधिक मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते हैं। पुलिस ने केवल एक नंबर की सीडीआर लगाकर खानापूरी की है।