जिंदगी में पहली बार दो नमाजें एक साथ पढ़ेंगे हज यात्री
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शहर के हज यात्रियों को उनके रिश्तेदारों ने फोन कर रविवार को होने वाली साढ़े चार घंटे की विशेष दुआ में उन्हें भी याद रखने के लिए कहा और खैरियत ली। शनिवार को दिन भर कुरान की तिलावत, नमाजें और तज्बीह पढ़ी गईं। रात में इबादत के बाद रविवार सुबह हज यात्री अराफात के मैदान में इबादत के लिए पहुंचेंगे।
यही वह जगह है जहां जिंदगी में पहली बार मुसलमान एक साथ जोहर और असर की नमाज पढ़ेंगे। इसके बाद आसमान की तरफ मुंह कर और हाथ उठाकर साढ़े चार घंटे तक लगातार अल्लाहताला से दुआ करेंगे। यही वह मैदान है, जहां हजरत आदम की दुआ कुबूल हुई थी।
इसके बाद सूर्यास्त के समय मगरिब से इशा की नमाज के वक्त तक अराफात से मुजदल्फा का तीन किलोमीटर का सफर तय करेंगे। मगरिब की नमाज होने के बावजूद वहां नमाज न पढ़कर मुजदल्फा में मगरिब और इशा की नमाज एक साथ अदा करेंगे। सोमवार को शैतान को कंकरी मारने की रस्म होगी। राज्य हज समिति के प्रशिक्षक हाजी शारिक अल्वी ने बताया कि शहर के हज के अहम पांच दिन शनिवार से शुरू हो गए। शहर के हज यात्रियों के परिजनों ने फोन कर दुआ की दरख्वास्त की है।