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Kanpur News: कार्यालय में नेताओं के साथ एआई से बनी तस्वीरें देख झांसे में आ जाते थे लोग

Sun, 25 Oct 2026 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sun, 25 Oct 2026 01:03 AM IST
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People were deceived by AI-generated images of politicians in office.
कानपुर देहात। अधिकारियों की तरह रुतवे वाली जिंदगी जीने व जल्द अमीर बनने के लालच में 24 साल के अभिषेक ने एमबीए के दौरान सीखे एआई के उपयोग से लोगों को ठगने का धंधा शुरू कर दिया। लोगों को आसानी से झांसे में लेने के लिए न सिर्फ अधिकारी की तरह रहन-सहन का नाटक किया बल्कि एआई की मदद से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो तैयार कर कार्यालय में लगा रखी थीं। पुलिस ने एआई से तैयार की फोटो सहित अन्य वस्तुएं भी जब्त की हैं।
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एक आईएएस अधिकारी नौ से 12 साल की नौकरी करने के बाद सचिवालय के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर नियुक्त हो सकता है। वहीं ठग अभिषेक शर्मा ने इस पद को महज 24 साल की उम्र में ही फर्जी तरीके से अपने नाम के पीछे लगा लिया। अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद छानबीन के दौरान नई बस्ती टकटौली अकबरपुर स्थित उसके किराए के मकान में बने कार्यालय में एआई से तैयार की गईं कई तस्वीरें लगी मिलीं। इनमें वह एआई से बनी देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों के साथ नजर आता है। साथ ही उसकी डेस्क पर डिप्टी डायरेक्टर की नाम पट्टिका भी रखी मिली है।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ठगी को अंजाम देने के लिए वह काफी धनराशि सिर्फ स्वयं को आईएएस अधिकारी के रूप में दर्शाने के लिए खर्च करता था। उसने लखनऊ से एक कार किराए पर ली थी। अकबरपुर में रहने के लिए पांच कमरों का मकान किराए पर लिया था। यहां तक कि प्राइवेट एजेंसी से गार्ड व गनर भी भाड़े पर बुलाता था और लोगों को अधिकारी वाला रुतवा दिखाता था। इसके बाद कार्यालय में लगाई एआई से बनी जनप्रतिनिधियों के साथ अपनी तस्वीर व सचिवालय की उच्च स्तरीय बैठकों की तस्वीरें दिखाकर आसानी से लोगों को झांसे में लेकर ठगी का शिकार बना लेता था। (संवाद)
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तकनीकी का दुरुपयोग ही बन गया गले की फांस
एआई सहित अन्य डिजिटल प्लेटफार्म का दुरुपयोग कर शातिर अपने मंसूबों को तो अंजाम दे देते हैं लेकिन इन प्लेटफार्म से डिलीट न होने वाला डाटा ही उनके गले भी फांस बन जाता है। जैनपुर चौकी प्रभारी नर सिंह ने बताया कि अभिषेक लोगों को पूर्ण विश्वास में लेने के लिए उनसे रुपये नकद न लेकर अपने बैंक खाता में किस्तों में ट्रांसफर करवाता था। ठगी की शिकायत होने पर पुलिस डिजिटल प्लेटफार्म पर मिले सबूतों के जरिये पुलिस आसानी से अभिषेक तक पहुंच सकी है। टीम शेष आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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अभिषेक के दस्तावेज की भी होगी जांच
अकबरपुर थानाध्यक्ष हरमीत सिंह ने बताया कि आरोपी अभिषेक के पास से पुलिस ने 18 फर्जी नियुक्ति पत्र, आदेश, 12 नोटिस, 33 लिफाफा, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीबीए की मार्कशीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 12 भरे हुए नौकरी के आवेदन के फार्म सेट, लैपटॉप, मोबाइल, चार मुहर बरामद हुई हैं। अभिषेक के पास से बरामद शैक्षणिक व पहचान संबंधी प्रपत्र असली हैं या नहीं इसकी जांच करवाई जा रही है।
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