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Kanpur News: पांच की जगह 25 ग्राम नमक खा रहे लोग, गुर्दों हो रहे खराब
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कानपुर। एक व्यक्ति को एक दिन में औसत पांच ग्राम नमक खाना चाहिए लेकिन वह एक दिन में औसत 25 ग्राम नमक खा रहा है। जरूरत से पांच गुना अधिक नमक खाने से ब्लड प्रेशर हाई तो होता ही है, गुर्दे भी खराब हो रहे हैं। गुर्दों की छन्नियां खराब हो जाती हैं। यह बात एसजीपीजीआई लखनऊ के गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद ने बताई।
डॉ. प्रसाद रविवार को यहां एसोसिएशन फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में आने वाले गुर्दा रोगियों की हिस्ट्री लेने पर यह पता चला है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल प्रोटीन से एलर्जी हो रही है। बॉडी बिल्डिंग के चक्कर में लोग खराब प्रोटीन जरूरत से अधिक लेते हैं। इससे बॉडी बिल्डरों के गुर्दे अचानक फेल हो जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे के हवाले से उन्होंने बताया कि 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किग्रा शरीर के वजन के हिसाब से पर्याप्त है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि उनके पास 46 हजार रोगियों के आंकड़े हैं जिनमें 80 फीसदी पुरुष रोगी हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के खराब कोलेस्ट्राल बढ़ रहा है। इसका जमाव भी गुर्दों को खराब कर देता है। खराब खानपान और बिगड़ी लाइफ स्टाइल से नए तरह का रोग मेटाबॉलिक एसोसिएटेड किडनी डिजीज उभरा है। मोटापा होने से लिपिड प्रोफाइल बिगड़ता है। इसके असर गुर्दों पर आ जाता है।
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डॉ. प्रसाद रविवार को यहां एसोसिएशन फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में आने वाले गुर्दा रोगियों की हिस्ट्री लेने पर यह पता चला है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल प्रोटीन से एलर्जी हो रही है। बॉडी बिल्डिंग के चक्कर में लोग खराब प्रोटीन जरूरत से अधिक लेते हैं। इससे बॉडी बिल्डरों के गुर्दे अचानक फेल हो जाते हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे के हवाले से उन्होंने बताया कि 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किग्रा शरीर के वजन के हिसाब से पर्याप्त है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि उनके पास 46 हजार रोगियों के आंकड़े हैं जिनमें 80 फीसदी पुरुष रोगी हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के खराब कोलेस्ट्राल बढ़ रहा है। इसका जमाव भी गुर्दों को खराब कर देता है। खराब खानपान और बिगड़ी लाइफ स्टाइल से नए तरह का रोग मेटाबॉलिक एसोसिएटेड किडनी डिजीज उभरा है। मोटापा होने से लिपिड प्रोफाइल बिगड़ता है। इसके असर गुर्दों पर आ जाता है।
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