फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Parental Eyes Treatment From Newborn Membranes

नवजात की झिल्ली से मम्मी-पापा की आंखों का इलाज, बड़ी कारगर है ये विधि

Mon, 22 Apr 2019 11:35 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 22 Apr 2019 11:35 AM IST
विज्ञापन
Parental Eyes Treatment From Newborn Membranes
फाइल फोटो
प्रदूषण के कारण बढ़ रही आंसू सूखने की बीमारी ‘ड्राई आई’ के इलाज में नवजात बच्चे की झिल्ली बड़ी कारगर है। इस झिल्ली के इस्तेमाल से ड्राई आई के एडवांस रोगी को भी निजात मिल रही है। मां के पेट में बच्चा एक झिल्ली के अंदर रहता है।
विज्ञापन


प्रसव के बाद जब इस झिल्ली का आंखों में इस्तेमाल किया गया तो रोगियों को फायदा हुआ। इसके साथ ही ड्राई आई के रोगी के खून से सीरम निकाल कर इस्तेमाल किया जाता है। इससे भी रोगियों को फायदा हो रहा है।
विज्ञापन

ये बातें कानपुर में आईएमएसीजीपी रिफ्रेशर कोर्स के अंतिम दिन रविवार को बताई गईं। मेडिकल कॉलेज का नेत्र रोग विभाग इस पर शोध कर रहा है। अब तक इस नुस्खे को 57 लोगों पर आजमाया जा चुका है। रिफ्रेशर कोर्स में सर गंगाराम अस्पताल के विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. आरके ग्रोवर ने ‘मैजिक आफ आई सर्जरी’ विषय पर प्रस्तुति दी। इसके पहले डॉ. ग्रोवर और डॉ. शालिनी मोहन ने पत्रकारों से बातचीत की। 

डॉ. शालिनी ने बताया कि मां के गर्भ में बच्चा जिस झिल्ली में रहता है, उसमें पोषक तत्व होते हैं। इससे आंख की सतह अच्छी हो जाती है। जब ड्राई आई के रोगी की आंखों में इसे लगाया गया तो उसे फायदा हुआ। ड्राई आई होने पर आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

इस झिल्ली को एमिनियोटिक झिल्ली कहते हैं। इसके अलावा ड्राई आई में खून से निकला आटोलोगस सीरम भी ड्राई आई के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। ड्राई आई में बच्चे की झिल्ली के इस्तेमाल का शोध बायो केमिस्ट्री विभाग के सहयोग से नेत्र रोग विभाग कर रहा है। 

डॉ. ग्रोवर ने बताया कि प्रदूषण के तत्व एक तो सीधे आंखों में जाकर एलर्जी पैदा करते हैं। इसके साथ ही जहरीले तत्वों के शरीर में मिलने का दुष्प्रभाव भी आंखों पर पड़ता है। कंप्यूटर, मोबाइल गेम खेलने से भी आंखों को नुकसान होता है। स्कूली छात्रों पर एक शोध में 27 फीसदी बच्चों की आंखें प्रभावित मिलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed