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अपने ही नागरिक को नहीं ले रहा पाकिस्तान, रिहाई के बाद फिर गिरफ्तार कर भेजा गया जेल

Tue, 22 Aug 2017 01:27 PM IST
आशुतोष मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
आशुतोष मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 22 Aug 2017 01:27 PM IST
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Pakistani prisoner idreesh sent to jail again
जेल से छूटते ही गिरफ्तार हो गया पाक नागरिक इदरीश
पाक नागरिक इदरीश आलम रिहा होने के बाद फिर से गिफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इदरीश कानपुर में ही पैदा हुआ था। बाद में पाकिस्तान चला गया था, वहां उसके बीवी -बच्चे भी हैं। 1999 में अपने पिता अहमद जान के बीमार होने पर 15 दिन का वीजा लेकर पाकिस्तान से 44/162 मिश्रीबाजार मूलगंज कानपुर आया था। पिता की मौत होने के बाद वह यहीं रुक गया था। वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद शहर में रुकने पर जुलाई 1999 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। कुछ दिन बाद वह जमानत पर छूट गया था। उसका मुकदमा 10 साल छह माह चला था। सिटी मेट्रोपोलियन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने उस पर पांच सौ रुपए जुर्माना लगाया। 16 अगस्त 2009 को उसे यहां से एलआईयू और पुलिस ले गई। 17 अगस्त 2009 को उसे अटारी बार्डर पर छोड़ा गया। पाकिस्तान ने वीजा की अवधि खत्म होने के कारण उसे वापस नहीं लिया। कहा गया कि एनओसी चाहिए। इस पर स्थानीय प्रशासन ने इदरीश को पुलिस लाइन में ठहरा दिया था।
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‘अमर उजाला’ के खुलासे पर हुआ था 2013 में गिरफ्तार

Pakistani prisoner idreesh sent to jail again
इदरीश
पाकिस्तान में मानवाधिकार के लिए काम करने वाले और ट्रस्ट से जुड़े अंसार बर्नी ने फरवरी 2013 में ट्विट कर कहा था कि पाक नागरिक इदरीश आलम को कानपुर में खाना और दवाएं नहीं दी जा रही हैं। इस मामले पर ‘अमर उजाला’ पड़ताल की तो मामला चौंकाने वाला निकला था। पुलिस लाइन में रहकर इदरीश आलम धड़ल्ले से मोबाइल प्रयोग कर रहे था। इस तरह संवेदशनशील मामले पर शहर की खुफिया और पुलिस की लापरवाही की पोल खुली थी। सवाल खड़ा किया गया था कि इदरीश को देश की नागरिकता ही नहीं मिली है तो पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज कैसे बन गया। बाद में ‘अमर उजाला’ ने खुलासा किया था कि उसने उन्नाव के एक गांव के पते पर फर्जी ढंग से सिम हासिल किया था। उसका नंबर 7275394628 था। इस नंबर से वह पाकिस्तान भी बात करता था। यह खुलासा होने पर पुलिस ने एक मार्च 2013 को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में रहा। बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। सजा पूरी होने पर सोमवार को उसे रिहा किया गया।

 
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‘अमर उजाला’ को मिला था इंटरनेशनल अवार्ड 

Pakistani prisoner idreesh sent to jail again
इदरीश
पाक नागरिक के बिना वीजा के पुलिस लाइन में रहते हुए फर्जीवाड़ा कर सिम हासिल करने के खुलासे के बाद गिरफ्तारी पर अमर उजाला को इंटरनेशनल केसी कुलिस अवार्ड मिला था। यह पुरस्कार राजस्थान के जयपुर में 14 फरवरी 2014 को दिया गया था।
 
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पुलिस तो बिना वीजा रहने पर गिरफ्तार करेगी

Pakistani prisoner idreesh sent to jail again
इदरीश कानपुर जेल के बाहर
वरिष्ठ अधिवक्ता एसपी सिंह का कहना है कि बिना वीजा किसी देश में रहना कानून जुर्म है। इसलिए बिना वीजा इदरीश भारत में नहीं रह सकता है। जब-जब वह जेल से बाहर आएगा पुलिस उसे बिना वीजा रहने के आरोप में जेल भेजती रहेगी। इदरीश को पाकिस्तान लेना नहीं चाहता है। जैसा कि बताया जा रहा है कि इदरीश भारत की नागरिकता भी नहीं लेना चाहता है। इससे वह संदिग्ध है। ऐसे में संदिग्ध पाकिस्तानी को तो पुलिस बिना वीजा के हर बार गिरफ्तार कर जेल भेजेगी ही।
 

इस तरह मिल सकती इदरीश को राहत

Pakistani prisoner idreesh sent to jail again
पाक नागरिक इदरीश
अधिवक्ताओं का कहना है कि कोई तकनीकी मामला न फंसा तो इदरीश को भारत की नागरिकता लेने से ही राहत मिल सकती है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि चूंकि इदरीश मूल निवासी भारत का रहा है। उसने पाकिस्तान जाकर वहां की नागरिकता ली थी। अब पाक नागरिक होने के बावजूद पाकिस्तान ने उसे लेने से मना कर दिया है। ऐसे में उसके सामने भारत की नागरिकता लेकर यहीं कानूनी रूप से रहने का विकल्प बन सकता है।
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