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बालू खदानों से फिर खजाना भरेंगी बाहरी कंपनियां, एमपी और प्रदेश के अन्य जिलों के धनपति लेंगे खदानें
Wed, 30 Oct 2019 09:29 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Oct 2019 09:29 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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बांदा में वैध-अवैध खनन से खोखली हुईं खदानें नदियों में आई बाढ़ से बालू से फिर भर गई हैं। अब फिर खदानों को खोखला करने की तैयारी शुरू हो गई है। बुंदेलखंड की खनिज संपदा से भरपूर कमाई के लिए दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के धनपतियों और कंपनियों ने निगाहें गड़ा दी हैं।
इन्हें क्लीन चिट देने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोक सुनवाई की रस्म अदायगी के लिए तिथियां घोषित कर दी हैं। जिले की 9 बड़ी खदानों की लोक सुनवाई 18 से 20 नवंबर के बीच की जाएगी।
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इन्हें क्लीन चिट देने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोक सुनवाई की रस्म अदायगी के लिए तिथियां घोषित कर दी हैं। जिले की 9 बड़ी खदानों की लोक सुनवाई 18 से 20 नवंबर के बीच की जाएगी।
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खनिज नियमावली के तहत मानसूनी मौसम सेे 30 जून को खदानों में खनन बंद हो गया था। यह अक्तूबर में फिर शुरू होता है। अबकी केन और यमुना नदियों में आई बाढ़ में बालू भी भारी मात्रा में बहकर आई है। बालू से लबालब खदानों को हथियाने के लिए कई राज्यों सहित यूपी के दिग्गज बालू कारोबारियों और कंपनियों की पट्टा लेने की कवायदें जारी है।
इनकी खनिज कार्यालय में रोज महफिल जम रही है। उधर, खदानों की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रस्ताव भेजे गए हैं। बोर्ड अलग-अलग तिथियों में खदानों की लोक सुनवाई करने की तैयारी में है। लगभग तीन लाख घन मीटर प्रतिवर्ष बालू की क्षमता वाली 9 खदानों की लोक सुनवाई की सूचना नियंत्रण बोर्ड ने जारी की है।
इनकी खनिज कार्यालय में रोज महफिल जम रही है। उधर, खदानों की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रस्ताव भेजे गए हैं। बोर्ड अलग-अलग तिथियों में खदानों की लोक सुनवाई करने की तैयारी में है। लगभग तीन लाख घन मीटर प्रतिवर्ष बालू की क्षमता वाली 9 खदानों की लोक सुनवाई की सूचना नियंत्रण बोर्ड ने जारी की है।
नवंबर में पैलानी तहसील की खैरई, नरैनी तहसील की नहरी, खलारी, जरर, गिरवां खदानों की लोक सुनवाई 11 नवंबर से 20 नवंबर तक होगी। खैरई खदान के लिए भोपाल (मध्य प्रदेश) की कंपनी ने आवेदन किया है। नहरी (गाटा 587) के लिए झांसी की कंपनी, नहरी (गाटा 587) के लिए चित्रकूट की कंपनी , गिरवां (1876) के लिए महोबा की कंपनी ने आवेदन किया है।
इनके अलावा मुख्यालय के नजदीक सदर तहसील की सोना खदान बिहार की कंपनी के खाते में गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बांदा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि लोक सुनवाई के दौरान आम लोग सुझाव या आपत्तियां दे सकते हैं।
इनके अलावा मुख्यालय के नजदीक सदर तहसील की सोना खदान बिहार की कंपनी के खाते में गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बांदा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि लोक सुनवाई के दौरान आम लोग सुझाव या आपत्तियां दे सकते हैं।
पिछले साल लक्ष्य से ढाई गुना ज्यादा आया राजस्व
मानसूनी मौसम खत्म होने के बाद अब चालू हो रहीं खदानों को लेकर खनिज विभाग को इस वर्ष भी लक्ष्य से ज्यादा आमदनी का भरोसा है। पिछले वर्ष लक्ष्य से ढाई गुना ज्यादा राजस्व वसूला गया था। खनिज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में अगस्त माह तक 83 करोड 75 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 2 अरब 14 करोड़ 91 लाख रुपये राजस्व आया था।
चालू वर्ष 2019-20 में अगस्त माह तक 11390 लाख रुपये का क्रमिक लक्ष्य निर्धारित था। इसमें अगस्त तक 13105.89 लाख रुपये की वसूली हुई। यह लक्ष्य का 115.6 फीसदी है। चालू वर्ष में वार्षिक लक्ष्य 34000 लाख रुपये का निर्धारित किया गया हैं। अगस्त तक 13105.89 लाख रुपये वसूली हुई है।
मानसूनी मौसम खत्म होने के बाद अब चालू हो रहीं खदानों को लेकर खनिज विभाग को इस वर्ष भी लक्ष्य से ज्यादा आमदनी का भरोसा है। पिछले वर्ष लक्ष्य से ढाई गुना ज्यादा राजस्व वसूला गया था। खनिज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 में अगस्त माह तक 83 करोड 75 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 2 अरब 14 करोड़ 91 लाख रुपये राजस्व आया था।
चालू वर्ष 2019-20 में अगस्त माह तक 11390 लाख रुपये का क्रमिक लक्ष्य निर्धारित था। इसमें अगस्त तक 13105.89 लाख रुपये की वसूली हुई। यह लक्ष्य का 115.6 फीसदी है। चालू वर्ष में वार्षिक लक्ष्य 34000 लाख रुपये का निर्धारित किया गया हैं। अगस्त तक 13105.89 लाख रुपये वसूली हुई है।