फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Outbreak of infectious diseases, increased patients in hospitals

संक्रामक रोगों का प्रकोप, अस्पतालों में बढ़े मरीज

Thu, 26 Aug 2021 01:29 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 01:29 AM IST
विज्ञापन
Outbreak of infectious diseases, increased patients in hospitals
कानपुर देहात। बारिश के चलते लोग संक्रामक बीमारियों के चपेट में आने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र सहित नगर के कुछ क्षेत्रों में बच्चे बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। वहीं बड़े पीलिया, डायरिया, टाइफाइड सहित अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह से जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
विज्ञापन

एक पखवारा पहले व बीते तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश से संक्रामक रोगों के मरीज बढ़े हैं। इसके चलते जिला अस्पताल अकबरपुर में मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है। बुधवार को सबसे अधिक भीड़ बाल रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन कक्ष में रही। लोग कतार बनाकर घंटों अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। यहां डॉक्टरों की ने मरीजों का उपचार किया।
विज्ञापन

दो दिन के भीतर सबसे ज्यादा मरीज बुखार व डायरिया के मिले हैं। इसके अलावा बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार की चपेट में आ गए हैं। कोरोना संक्रमण का असर कम होने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी में जहां पूर्व में मरीज साढ़े तीन से चार सौ के आसपास पहुंच रहे थे। वहीं अब यह आंकड़ा छह सौ को छूने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंगलवार को ओपीडी में 600 व बुधवार को 520 मरीज पहुंचे। सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि बारिश की वजह से मौसम जनित बीमारियों के वायरस सक्रिय हो गए हैं। पेयजल बारिश के पानी से दूषित होता जा रहा है। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र में इसकी वजह से डायरिया के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं।
सावधानी बरतने की हिदायत
डॉक्टरों ने इस मौसम में बाहर के खाने व पानी से परहेज करने की सलाह दी है। एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि घर व आसपास पानी को जमा होने नहीं देना चाहिए। यही बीमारी की मुख्य वजह बन जाता है। बच्चों को गर्म पानी देने के साथ गंदगी में नहीं जाने देना चाहिए।
पांच से सात दिन रहता है प्रभाव
डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर मरीज पर मौसमी बीमारी का असर पांच से सात दिन तक रहता है। इस दौरान आवश्यक दवा लेनी जरूरी है। पीलिया, डायरिया, टाइफाइड को गंभीरता से नहीं लेने पर गंभीर परिणाम आ सकते हैं।
कमलपुर में सात लोगों के रक्त के सैंपल लिए
पुखरायां। अमरौधा विकास खंड के कमलपुर गांव में महिला की बुखार से मौत की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने गांव में जांच की। मृतका के परिजनों से पूछताछ की। टीम ने गांव में बीमार सात लोगों के रक्त के सैंपल लेकर दवाएं दीं। लोगों को साफ सफाई रखने की सलाह दी गई।
अमरौधा के एमओआईसी डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि कमलपुर की रामदेवी की बुखार से मौत हो जाने की सूचना पर बुधवार को गांव में जांच के लिए स्वास्थ्य टीम भेजी गई। जिसमें शामिल डॉ. गिरिराज ने मृतका के परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने रामदेवी के बीमार होने की जानकारी दी पर कोई रिपोर्ट नहीं दिखा सके। टीम ने गांव का भ्रमण किया। जगह-जगह बारिश के पानी का भराव मिला।

जिसका निस्तारण कराए जाने के लिए एसडीएम को रिपोर्ट देने के लिए कहा। वहीं गांव की वीना, वीरेंद्र, कार्तिक, उमेश, अर्चना, बिटान और कैलाशी के रक्त का सैंपल लिया गया तथा उन्हें दवाएं दी गईं। इस दौरान संक्रामक बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। इस दौरान फार्मासिस्ट महेंद्र प्रताप और एलटी एमपी सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed