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कहीं पानी नहीं, कहीं कट रही खांदी
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राठ रोड पर चोंक पुलिया दिखाते ग्रामीण
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। । जिले में कहीं नहरें पानी न होने से सूखी पड़ी हैं तो कहीं अधिक पानी आने से खांदी फूट रही है। दोनों ही स्थिति में किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान समस्या लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता है।
माधौगढ़, रामपुरा, डकोर और कोटरा क्षेत्र में माइनर ओवरफ्लो होने से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। महेवा, कदौरा नदीगांव आदि में किसान पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। भाकियू नेता बलराम लंबरदार का कहना है कि किसानों की समस्या नहीं सुनी जा रही है। एडीएम प्रर्मिल कुमार का कहना है कि जल्द ही सिंचाई और नहर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
महेवा। ब्लॉक क्षेत्र में रजबहा और माइनर सूखे पड़े हैं। किसान पलेवा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नलकूप पहले से ही बंद पड़े हैं। कालपी नहर से आटा रजबहा और महेवा माइनर भी निकली है, रजबहा से बीजापुर, सैदपुर, भदरेखी, शाजापुर कोहना, गढ़गुवा, बैरई आदि गांवों के किसान सिंचाई के लिए निर्भर हैं। पानी न पहुंचने से किसानों की बुआई लेट हो रही है।
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किसान दयाशंकर का कहना है, कि अगर नहर में पानी समय से नहीं आता है तो फिर दलहन का क्षेत्र घटेगा, जिससे किसानों को एक फसल का नुकसान होगा और समय निकलने के बाद किसान सिर्फ गेहूं की ही फसल कर सकेगा।
किसान वीर सिंह खैरई का कहना है कि इस साल पानी लेट होने से किसानों को कर्ज लेकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल, खाद, बीज सब महंगा है, पानी भी उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। हालत यह है कि अब खेती से तौबा करनी पड़ जाएगी।
ओवरफ्लो की न सुनवाई और न ही भरपाई
मुहम्मदाबाद/ माधौगढ़। मुहम्मदाबाद के बरसार और जैसारी की माइनर ओवरफ्लो होने से कई किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं और मटर की फसल बर्बाद हो चुकी है। राठ रोड पर पुलिया के चोक होने से माइनर ओवरफ्लो हो रही है। पानी किसानों के खेतों में घुस रहा है। शिकायत के बावजूद विभाग से कोई नहीं पहुंचा।
बिना सफाई के शुरू कराई नहरें
डकोर ब्लाक के किसान अरविंद राजपूत का कहना है कि पुलिया चोक होने के अलावा बिना नहरों की सफाई करे ही पानी का छोड़ना भी नुकसानदायक साबित हो रहा है। जिससे ही आए दिन फसलें जलमग्न हो रही हैं। किसान जैसे तैसे इधर उधर से कर्ज लेकर केती कर रहा है और उसके हाथ में सिर्फ भीगी हुई फसलें ही लग रही हैं।
नुकसान का दिया जाए मुआवजा
मुहम्मदाबाद के किसान चंद्रपाल का कहना है कि किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से खराब हो चुकी है। जिसका मुआवजा तो दूर की बात है, अभी तक कहीं कोई किसी विभाग का अधिकारी नुकसान को देखने तक नहीं आया है। इससे भी किसानों का हौसला टूटता जा रहा है। कर्ज कैसे अदा होगा, यह भी समस्या है।
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माधौगढ़, रामपुरा, डकोर और कोटरा क्षेत्र में माइनर ओवरफ्लो होने से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। महेवा, कदौरा नदीगांव आदि में किसान पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। भाकियू नेता बलराम लंबरदार का कहना है कि किसानों की समस्या नहीं सुनी जा रही है। एडीएम प्रर्मिल कुमार का कहना है कि जल्द ही सिंचाई और नहर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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महेवा। ब्लॉक क्षेत्र में रजबहा और माइनर सूखे पड़े हैं। किसान पलेवा के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नलकूप पहले से ही बंद पड़े हैं। कालपी नहर से आटा रजबहा और महेवा माइनर भी निकली है, रजबहा से बीजापुर, सैदपुर, भदरेखी, शाजापुर कोहना, गढ़गुवा, बैरई आदि गांवों के किसान सिंचाई के लिए निर्भर हैं। पानी न पहुंचने से किसानों की बुआई लेट हो रही है।
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किसान दयाशंकर का कहना है, कि अगर नहर में पानी समय से नहीं आता है तो फिर दलहन का क्षेत्र घटेगा, जिससे किसानों को एक फसल का नुकसान होगा और समय निकलने के बाद किसान सिर्फ गेहूं की ही फसल कर सकेगा।
किसान वीर सिंह खैरई का कहना है कि इस साल पानी लेट होने से किसानों को कर्ज लेकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है। डीजल, खाद, बीज सब महंगा है, पानी भी उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है। हालत यह है कि अब खेती से तौबा करनी पड़ जाएगी।
ओवरफ्लो की न सुनवाई और न ही भरपाई
मुहम्मदाबाद/ माधौगढ़। मुहम्मदाबाद के बरसार और जैसारी की माइनर ओवरफ्लो होने से कई किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं और मटर की फसल बर्बाद हो चुकी है। राठ रोड पर पुलिया के चोक होने से माइनर ओवरफ्लो हो रही है। पानी किसानों के खेतों में घुस रहा है। शिकायत के बावजूद विभाग से कोई नहीं पहुंचा।
बिना सफाई के शुरू कराई नहरें
डकोर ब्लाक के किसान अरविंद राजपूत का कहना है कि पुलिया चोक होने के अलावा बिना नहरों की सफाई करे ही पानी का छोड़ना भी नुकसानदायक साबित हो रहा है। जिससे ही आए दिन फसलें जलमग्न हो रही हैं। किसान जैसे तैसे इधर उधर से कर्ज लेकर केती कर रहा है और उसके हाथ में सिर्फ भीगी हुई फसलें ही लग रही हैं।
नुकसान का दिया जाए मुआवजा
मुहम्मदाबाद के किसान चंद्रपाल का कहना है कि किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने से खराब हो चुकी है। जिसका मुआवजा तो दूर की बात है, अभी तक कहीं कोई किसी विभाग का अधिकारी नुकसान को देखने तक नहीं आया है। इससे भी किसानों का हौसला टूटता जा रहा है। कर्ज कैसे अदा होगा, यह भी समस्या है।