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कानपुर: मरे हुए शख्स की आईडी पर बाइकें फाइनेंस कराने वाला गिरफ्तार
Thu, 17 Jun 2021 08:53 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 17 Jun 2021 08:53 AM IST
सार
पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि महेश की मौत हो चुकी है। उनके दस्तावेजों पर आशीष ने फर्जीवाड़ा कर बाइकें फाइनेंस कराई थीं। एसीपी ने बताया कि आशीष को जेल भेजा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मरे हुए शख्स की जगह एक शातिर खुद पहुंच गया। मरे हुए आदमी के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो बाइकें फाइनेंस करवा लीं। जब किस्तें नहीं चुकाईं तो तफ्तीश शुरू हुई। तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। कर्नलगंज पुलिस ने बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि सिविल लाइंस फतेहगढ़ फर्रुखाबाद निवासी आशीष कुमार के एक रिश्तेदार महेश चंद्र किदवई नगर में रहते थे। कुछ समय पहले उनकी मौत हो चुकी है। आशीष ने महेश चंद्र के आधार कार्ड पर खुद की फोटो लगाई।
महेश के घर आने वाले जल संस्थान के बिल को भी इसके साथ लगाया। इन्हीं दस्तावेजों पर केटीएल से दो बाइकें फाइनेंस कराईं। जब किस्तें नहीं चुकाईं तो फाइनेंस कंपनी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि महेश की मौत हो चुकी है।
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उनके दस्तावेजों पर आशीष ने फर्जीवाड़ा कर बाइकें फाइनेंस कराई थीं। एसीपी ने बताया कि आशीष को जेल भेजा गया है। पता किया जा रहा है कि आशीष ने इस तरह का फर्जीवाड़ा पहले भी किया है या नहीं। अगर मामले पाए जाते हैं तो इसी केस में उनको शामिल किया जाएगा।
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एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि सिविल लाइंस फतेहगढ़ फर्रुखाबाद निवासी आशीष कुमार के एक रिश्तेदार महेश चंद्र किदवई नगर में रहते थे। कुछ समय पहले उनकी मौत हो चुकी है। आशीष ने महेश चंद्र के आधार कार्ड पर खुद की फोटो लगाई।
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महेश के घर आने वाले जल संस्थान के बिल को भी इसके साथ लगाया। इन्हीं दस्तावेजों पर केटीएल से दो बाइकें फाइनेंस कराईं। जब किस्तें नहीं चुकाईं तो फाइनेंस कंपनी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि महेश की मौत हो चुकी है।
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उनके दस्तावेजों पर आशीष ने फर्जीवाड़ा कर बाइकें फाइनेंस कराई थीं। एसीपी ने बताया कि आशीष को जेल भेजा गया है। पता किया जा रहा है कि आशीष ने इस तरह का फर्जीवाड़ा पहले भी किया है या नहीं। अगर मामले पाए जाते हैं तो इसी केस में उनको शामिल किया जाएगा।