ओमिक्रॉन: कानपुर में 81 हजार पोस्ट कोविड रोगियों के लिए खतरा, गाइडलाइन का पालन करेंगे तो संक्रमण से बचे रहेंगे
सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि लोगों से अपील की जा रही है कि एहतियात बरतें। कोविड संक्रमण बिल्कुल खत्म नहीं हुआ। कोविड गाइडलाइन का पालन करेंगे तो संक्रमण से बचाव रहेगा।
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इसके साथ ही पोस्ट कोविड रोगियों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने भी चेताया है कि हर हाल में कोविड गाइडलाइन का पालन करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेवजह न जाएं। 40 फीसदी पोस्ट कोविड रोगियों में अभी सांस की दिक्कत बनी हुई है।
कोविड के किसी भी वैरिएंट से इन्हें जान का खतरा हो सकता है। उर्सला में पोस्ट कोविड रोगियों के लिए अलग से वार्ड और ओपीडी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट, डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल में पोस्ट कोविड रोगी फॉलोअप में दिखाने आ रहे हैं।
निजी अस्पतालों में भी पोस्ट कोविड रोगियों का इलाज चल रहा है। इस बीच प्रदूषण बढ़ने के बाद बॉर्डर लाइन पर इलाज करा रहे रोगियों की फिर से सांस उखड़ने लगी है। जो पोस्ट कोविड रोगी पहले से दूसरे रोगों की गिरफ्त में हैं, उन रोगों की जटिलताएं भी बढ़ने लगी हैं।
इन रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। अगर दोबारा वायरल संक्रमण हुआ तो रिकवरी मुश्किल हो जाएगी। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि लोगों से अपील की जा रही है कि एहतियात बरतें। कोविड संक्रमण बिल्कुल खत्म नहीं हुआ। कोविड गाइडलाइन का पालन करेंगे तो संक्रमण से बचाव रहेगा।