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पुलिस ने लापता मां को 14 साल बाद बेटों से मिलाया, कलेजे के टुकड़ों से लिपटकर खूब रोई महिला
Sun, 31 May 2020 03:40 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 31 May 2020 03:40 PM IST
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14 साल बाद बेटों से मिली मां
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में रविवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसे जानकर आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे। सचेंडी पुलिस ने 70 साल की बुजुर्ग महिला को 14 साल बाद बेटों से मिलाया। बूढ़ी मां अपने बेटों से 14 साल बाद मिली तो लिपटकर घंटों रोती ही रही।
मां और बेटों का मिलन कराकर सचेंडी पुलिस ने न सिर्फ महकमे की छवि बेहतर की बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश की है। प्रयागराज के धूरपुर चंपतपुर गांव निवासी हंसलाल सिंह की 70 वर्षीय पत्नी सीता देवी वर्ष 2006 में भरा-पूरा परिवार छोड़कर रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थीं।
तीन बेटों में सबसे बड़ा बेटा संजीव कुमार प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं, सबसे छोटा बेटा उदय सिंह भी अध्यापक है, मझला बेटा रोशन सिंह किराना व्यापारी है। बड़े बेटे संजीव ने बताया कि मां घर पर परिवार के साथ ही रह रही थीं, उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। 14 वर्ष पहले एक दिन वह घर से अचानक कहीं लापता हो गई। काफी तलाश किया और पुलिस को भी सूचना दी लेकिन मां का कुछ पता नहीं चला।
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मां और बेटों का मिलन कराकर सचेंडी पुलिस ने न सिर्फ महकमे की छवि बेहतर की बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश की है। प्रयागराज के धूरपुर चंपतपुर गांव निवासी हंसलाल सिंह की 70 वर्षीय पत्नी सीता देवी वर्ष 2006 में भरा-पूरा परिवार छोड़कर रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थीं।
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तीन बेटों में सबसे बड़ा बेटा संजीव कुमार प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं, सबसे छोटा बेटा उदय सिंह भी अध्यापक है, मझला बेटा रोशन सिंह किराना व्यापारी है। बड़े बेटे संजीव ने बताया कि मां घर पर परिवार के साथ ही रह रही थीं, उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। 14 वर्ष पहले एक दिन वह घर से अचानक कहीं लापता हो गई। काफी तलाश किया और पुलिस को भी सूचना दी लेकिन मां का कुछ पता नहीं चला।
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सचेंडी थाना क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से सीता देवी आसपास भटक रही थीं। स्थानीय लोग कुछ खाने को दे देते थे। शुक्रवार शाम से उनकी कुछ हालत बिगड़ने पर अचेत हो गईं ताे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कयास लगाया जा रहा कि सीतादेवी दर-दर भटकते भटकते कानपुर सचेंडी आ गई होंगी। वह जहां-जहां पहुंची होंगी लोग कुछ खाने को देते रहे होंगे, जिससे उनका पेट भरता रहा।
पुलिस ने इस तरह लगाया परिवार का पता
सचेंडी पुलिस को लोगों ने बताया कि पूछने पर वह धूरपुर जगह का नाम ले रही थी। इस आधार पर सचेंडी थानाध्यक्ष पुलिस ने आसपास जनपदों में धूरपुर की तलाश की तो प्रयागराज में होने की जानकारी मिली। इसपर उन्होंने वृद्धा की फोटो खींचकर वाट्सएप पर प्रयागराज पुलिस को भेजी।
वहां की पुलिस ने धूरपुर में लापता महिला के परिजनों का पता लगाया और संपर्क किया। वहां की पुलिस ने उदय की बात सचेंडी थानाध्यक्ष से कराई। इसपर उन्होंने मां के साथ की सभी फोटो लेकर आने को कहा। रविवार सुबह तीनों बेटे थाने पहुंचे और पुलिस को मां की सभी फोटो दिखाई। संजीव और उदय ने वृद्धा की पहचान मां सीता देवी के रूप में की।
मानसिक बीमार होने के बाजूवद सीता देवी ने उदय को पहचान लिया। बेटों से चिपट कर मां का रोना देख सभी की आंखे भर आईं। बेटे उदय ने बताया कि वह और उनके भाई 14 साल बाद मां के मिलने की उम्मीद खो चुके थे। कुछ दिन पहले परिवार वाले मां की तेरहवीं करने की बात कह रहे थे और वह लोग भी निराश होकर तैयार हो गए थे। मां के मिल जाने की खुशी बयां नहीं कर पा रहे हैं।
सचेंडी पुलिस को लोगों ने बताया कि पूछने पर वह धूरपुर जगह का नाम ले रही थी। इस आधार पर सचेंडी थानाध्यक्ष पुलिस ने आसपास जनपदों में धूरपुर की तलाश की तो प्रयागराज में होने की जानकारी मिली। इसपर उन्होंने वृद्धा की फोटो खींचकर वाट्सएप पर प्रयागराज पुलिस को भेजी।
वहां की पुलिस ने धूरपुर में लापता महिला के परिजनों का पता लगाया और संपर्क किया। वहां की पुलिस ने उदय की बात सचेंडी थानाध्यक्ष से कराई। इसपर उन्होंने मां के साथ की सभी फोटो लेकर आने को कहा। रविवार सुबह तीनों बेटे थाने पहुंचे और पुलिस को मां की सभी फोटो दिखाई। संजीव और उदय ने वृद्धा की पहचान मां सीता देवी के रूप में की।
मानसिक बीमार होने के बाजूवद सीता देवी ने उदय को पहचान लिया। बेटों से चिपट कर मां का रोना देख सभी की आंखे भर आईं। बेटे उदय ने बताया कि वह और उनके भाई 14 साल बाद मां के मिलने की उम्मीद खो चुके थे। कुछ दिन पहले परिवार वाले मां की तेरहवीं करने की बात कह रहे थे और वह लोग भी निराश होकर तैयार हो गए थे। मां के मिल जाने की खुशी बयां नहीं कर पा रहे हैं।