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ओएफसी ने कई निर्माणियों के साथ मिलकर विकसित की सेल्फ प्रोपेल्ड गन, दुश्मनों का मिटा देगी नामो-निशान
Thu, 07 Nov 2019 06:22 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 07 Nov 2019 06:22 PM IST
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आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
स्वीडन की बोफोर्स कंपनी के लिए तोप की बैरल बनवाकर पूरी दुनिया में लोहा मनवाने वाली आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। यहां स्थित आर्डनेंस डेवलेपमेंट सेंटर (ओडीसी) ने सेल्फ प्रोपेल्ड गन (एसपीजी) विकसित कर ली है। इस तोप के जल्द ही परीक्षण शुरू होंगे। इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
इस तोप के बनने से सेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। यहां पर बनी धनुष और शारंग तोप पहले ही सेना में शामिल हो चुकी हैं। तोप की खासियत है कि बेहद हल्की होने के कारण पहाड़ों पर भी चढ़कर दुश्मनों का खात्मा कर देगी। तोप की मारक क्षमता 27 किलोमीटर है।
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इस तोप के बनने से सेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। यहां पर बनी धनुष और शारंग तोप पहले ही सेना में शामिल हो चुकी हैं। तोप की खासियत है कि बेहद हल्की होने के कारण पहाड़ों पर भी चढ़कर दुश्मनों का खात्मा कर देगी। तोप की मारक क्षमता 27 किलोमीटर है।
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सूत्रों ने बताया कि बेहद हल्के टैंक पर यह बैरल लगी होने के कारण अलग-अलग दिशाओं में भी इसका इस्तेमाल दुश्मनों के सफाया करने में किया जा सकेगा। इसके अलावा यह एक स्थान पर नहीं ठहरेगी। इससे दुश्मन इसकी लोकेशन को भी ट्रेस नहीं कर पाएंगे। इस तोप की बैरल 6 मीटर है। 155 गुणा 39 कैलीबर वाली इस प्रकार की तोप भारतीय सेना के पास नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि ओएफसी में तोप की बैरल विकसित की गई है, जबकि रिक्वाइल मैकेनिज्म (तोप के फायर होने की तकनीक) का विकास जबलपुर स्थित निर्माणी में हुआ है। इसके अलावा मेंडक (महाराष्ट्र) स्थित निर्माणी में हल्के टैंक का विकास किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि ओएफसी में तोप की बैरल विकसित की गई है, जबकि रिक्वाइल मैकेनिज्म (तोप के फायर होने की तकनीक) का विकास जबलपुर स्थित निर्माणी में हुआ है। इसके अलावा मेंडक (महाराष्ट्र) स्थित निर्माणी में हल्के टैंक का विकास किया गया है।
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परीक्षण के कई चरण होंगे। अलग-अलग तापमान और परिस्थितियों में तोप का परीक्षण होगा। इस तरह की तोप को विकसित करने के लिए दो साल पहले ओडीसी और निर्माणियों को प्रोजेक्ट मिला था, जिसे बेहद कम समय में पूरा कर लिया गया है।
एसपीजी एक नजर
- मारक क्षमता 27 किलोमीटर
- बैरल की लंबाई 6 मीटर
- कैलीबर 155 गुणा 39
- बेहद हल्की है तोप, पहाड़ों पर भी चढ़ जाएगी
एसपीजी एक नजर
- मारक क्षमता 27 किलोमीटर
- बैरल की लंबाई 6 मीटर
- कैलीबर 155 गुणा 39
- बेहद हल्की है तोप, पहाड़ों पर भी चढ़ जाएगी