फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Now raise controversy on two Mufti Azam

अब दो मुफ्ती आजम पर बढ़ा विवाद

Thu, 21 Jul 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 21 Jul 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
Now raise controversy on two Mufti Azam
जमीअत उलेमा के दफ्तर में पत्रकार वार्ता में बोलते मौलाना मतीनुल हक ओसामा। - फोटो : amarujala
कानपुर। बरेलवी विचारधारा के एक और मुफ्ती आजम बनाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। शहबाज अनवर को मुफ्ती आजम बनाने के विरोध में उलेमा ने आवाज उठाई है। उनका कहना है कि यह बरेलवी विचारधारा के मुसलमानों के बीच फूट डालने की कोशिश है। पहले से सर्वमान्य मुफ्ती आजम मौलाना मोहम्मद अहमद अशरफी मौजूद हैं, तो शहबाज अनवर को इस पद पर एलान करने की क्या जरूरत थी। मंगलवार को शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने अजहरी मियां की मौजूदगी में शहबाज अनवर को मुफ्ती आजम बनाने की एलान किया था। बरेलवी मुस्लिमों के चार शहरकाजी के बाद इस एलान से दो मुफ्ती आजम भी हो गए हैं।
विज्ञापन

बुजुर्ग मुफ्ती आजम मोहम्मद अहमद अशरफी ने कहा बरेलवी मुसलमानों में फूट डालने की कोशिश है। किसी को समझाया नहीं जा सकता है। तंजीम तहफ्फुज-ए-सुन्नियत के मोहम्मद हाशिम रजा अजहरी ने शहबाज अनवर को बिना डिग्री का मुफ्ती बताया। उन्होंने मुबारकपुर से सलाह के बाद जलसा करने की बात कही है।
विज्ञापन

गलती से बने थे मुफ्ती आजम
अपने नाम के एलान के बाद मुफ्ती शहबाज अनवर ने कहा कि मोहम्मद अहमद अशरफी को मुफ्ती आजम बनाने का एलान गलत परंपरा के तहत हुआ था। पहले मरहूम कारी अब्दुस्समी शहरकाजी के साथ मुफ्ती आजम थे। उनके इंतकाल के बाद मुफ्ती हफीजउल्ला ने यह पद संभाला। नई सड़क के मदरसा एहसानुल मदारिस कदीम से ही एलान होने की परंपरा है। मोहम्मद अहमद अशरफी को तो मदरसा हशमतुर्रजा ने मुफ्ती आजम घोषित किया था, जो गलत था। उन्हें मुफ्ती हफीजउल्ला ने जीते-जीते नायब घोषित किया था। इसी के तहत एलान हुआ है। वह सालों से फतवा दे रहे हैं, उनके जमाने में मुफ्ती की डिग्री नहीं चलती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कश्मीरियों संग हो रहा भेदभाव : जमीअत
कानपुर। जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रदेश उपाध्यक्ष और कार्यवाहक शहरकाजी मौलाना मतीनुल हक ओसामा ने कहा कि कश्मीरियों के साथ भेदभाव हो रहा है। उनका दिल गोलीबारी कर नहीं जीत सकते हैं। जाट आंदोलन में अरबों रुपये का नुकसान हुआ पर गोलीबारी नहीं हुई। कश्मीर भी देश का अभिन्न अंग हैं, जिस तरह देश के अन्य हिस्सों के नागरिकों के साथ बर्ताव होता है, वैसा ही वहां भी किया जाए।

रजबी रोड स्थित जमीअत बिल्डिंग में बुधवार को बैठक के दौरान मौलाना ओसामा ने कहा कि जमीअत हर तरह के आतंकवाद और सांप्रदायिकता का विरोध करती है। डॉ. जाकिर नाईक से उनकी विचारधारा की लड़ाई है। सिर काटकर लाने वाले को इनाम देने जैसी बात करना अपना कानून चलाने की बात करना है। उन्होंने कहा कि जमीअत देश के अच्छे माहौल और अखंड भारत के साथ है। इसके लिए वह हर संभव कोशिश करेगी। बैठक में डॉ. हलीम उल्ला खां, मौलाना नूरुद्दीन कासमी, मौलाना अकरम, मोहम्मद अकरम, मुफ्ती अब्दुर्रशीद, मौलाना अनीस खां, मौलाना अनीसुर्रहमान मौजूद रहे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed