फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Not found in the record of drug delivery ursala

उर्सला में दवा वितरण का नहीं मिला रिकॉर्ड

Wed, 29 Jun 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 29 Jun 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
Not found in the record of drug delivery ursala
जांच के दौरान कर्मचारी को फटकार लगाते स्थानीय निकाय लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच समिति चेयरमैन विधायक अजय कपूर, समिति के सदस्य विधायक इरफान सोलंकी व अन्य। - फोटो : amarujala
कानपुर। जिला अस्पताल उर्सला में दवा वितरण का रिकॉर्ड नहीं मिला। निरीक्षण करने पहुंची स्थानीय निकाय लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच समिति ने डॉक्टरों के पर्चियों को सीज करा दिया और इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। ओपीडी में पानी न मिलने पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन

जांच समिति के चेयरमैन विधायक अजय कपूर के नेतृत्व में विधायक इरफान सोलंकी के अलावा राजेश यादव, बाला प्रसाद अवस्थी, सियाराम, राज नारायण बुधौलिया (सभी प्रदेश की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से विधायक) मंगलवार को दोपहर बाद करीब दो बजे उर्सला पहुंचे।
विज्ञापन

हड्डी वार्ड में इटावा की विमला शर्मा के पास पहुंचकर डायरेक्टर डॉ. उमाकांत से ऑपरेशन का रेट पूछा। डायरेक्टर रेट न बता पाए तो समिति ने उन्हें फटकार लगाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

ओपीडी पहुंची समिति ने दवा काउंटर पर रिकॉर्ड दिखाने को कहा तो इंचार्ज एमके प्रजापति ने 27 जून को डिब्बे में रखी पर्ची बढ़ा दी। उन्होंने मरीजों की संख्या और उनको दी जाने वाली दवाओं का रिकॉर्ड दिखाने को कहा तो इंचार्ज ने 24 जून की पर्ची सामने रख दी। समिति ने दवा का प्रभार देख रहे सीएमएस डॉ. संजीव कुमार से नाराजगी जताई। पर्चियों को सीज कर एडीएम वित्त एवं राजस्व शत्रुघ्न सिंह को जांच के निर्देश दिए। यहां फर्श पर लेटी भीतरगांव की रेखा को इमरजेंसी में भेजा। रेखा की नाक में चोट थी, लेकिन इमरजेंसी के डॉक्टरों ने भर्ती करने के बजाय ओपीडी में भेज दिया था। इस पर नाराजगी जताई गई। अजय कपूर ने बताया कि उर्सला में दिक्कतों के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेजी जाएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव, डॉ. वीके सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस हमारी नहीं सुनती, इसीलिए खुद रही हैं सड़कें
स्थानीय लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच समिति ने दूसरे दिन मंगलवार को समीक्षा बैठक में बार-बार सड़कें खुदने पर सवाल किया तो नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि पुलिस उनकी नहीं सुनती। अवैध रूप से सड़क खोदने की एफआईआर तक नहीं लिखती। सर्किट हाउस में हुई बैठक में समिति के चेयरमैन अजय कपूर ने नवनिर्मित नंदलाल चौराहे से सीटीआई रोड सहित कई सड़कें खुदने पर नगर आयुक्त से जवाब मांगा और रिकवरी को कहा। नगर आयुक्त ने बताया कि जल निगम की तरफ से बिना अनुमति के इस सड़क को खोदने की एफआईआर के लिए गोविंद नगर थाने में तहरीर भेजी, पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उनके दफ्तर में जबरन घुसकर मारपीट की भी एफआईआर नहीं हुई। समिति ने कहा कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और डीजीपी से करेगी। जिला प्रशासन की तरफ से बैठक में बताया गया कि अब नगर निगम की अनुमति के बिना शहर में खुदाई नहीं होगी। समिति ने 1968 में एक मृतक  के दो आश्रितों को नौकरी देने के मामले में रिकवरी करने को कहा। दूसरी पाली में सीएसएस, माध्यमिक शिक्षा विभाग की भी समीक्षा हुई।

टेंडरों में मिली फर्जी जमानतराशि, ठेकेदार जाएंगे जेल
बैठक में कहा गया कि ठेका लेते समय फर्जी जमानत राशि लगाकर घपला किया जा रहा है। समिति ने इसे घोटाले की श्रेणी में बताते हुए नगर आयुक्त को दो पेज का ब्यौरा सौंपा। वहीं समिति के आडिट विभाग के निदेशक आरके तिवारी ने बताया 2001 से 2005 तक नगर निगम ने 35 करोड़ के बावजूद ओवरड्राफ्ट कर करोड़ों रुपये ब्याज दिया। यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसका जवाब नहीं दे पाए वित्त एवं लेखाधिकारी अजय प्रताप सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed