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अब मां से दूर नहीं रहेंगे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2016 12:53 AM IST
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एसएनसीयू के उद्घाटन के बाद नवजात को देखते सीएमओ आरपी यादव व अन्य।
- फोटो : amar ujala
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कानपुर। जिला महिला अस्पताल डफरिन में पैदा होने वाले कमजोर बच्चे अब मां से दूर नहीं रहेंगे। बुधवार को डफरिन में अत्याधुनिक एसएनसीयू (सिक न्यू बॉर्न बेबी केयर यूनिट) का उद्घाटन हो गया। पहले दिन गीता और जनफ के बच्चों को एसएनसीयू की फोटोथेरेपी मशीन में रखा गया। दोनों को पीलिया की शिकायत थी। इससे पहले ऐसे बच्चों को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग अस्पताल रेफर कर दिया जाता था।
सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने एसएनसीयू का उद्घाटन किया। इस दौरान डफरिन की एसआईसी डॉ. नीता रानी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमकुम शर्मा, डॉ. शिव कुमार, डॉ. एचएस गुप्ता, डॉ. शुभा मिश्रा, डॉ. रुचि जैन आदि मौजूद रहे।
जगह कम पड़ी, चार मशीनें किनारे
इंजीनियरों की लापरवाही के कारण एसएनसीयू में चार मशीनों को रखने की जगह ही नहीं बची है। इन मशीनों को किनारे रखा गया है। वार्ड में वार्मर वाले आठ बेड और फोटोथेरेपी वाले चार बेड ही लग पाए हैं। अब सिर्फ वही बच्चे रेफर होंगे जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत नहीं होगी। डॉ. शिव कुमार ने बताया कि बाल रोग अस्पताल में भर्ती एक बच्चे के पिता ने डफरिन में वापस आने के लिए बात की है। बच्चे की मां डफरिन में ही भर्ती है।
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सिर्फ दो डॉक्टरों ने किया ज्वाइन
एसएनसीयू के तीन डॉक्टरों को इंटरव्यू में सेलेक्ट किया गया था लेकिन सिर्फ डॉ. आशीष कुमार सक्सेना और डॉ. शैलेंद्र सिंह राठौर ने ही ज्वाइन किया। यहां आठ स्टाफ नर्स, दो सफाईकर्मी और एक चपरासी की तैनाती हुई है। खाली पड़े डॉक्टर के एक पद पर जल्द ही इंटरव्यू होने की संभावना है।
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सीएमओ डॉ. रामायण प्रसाद यादव ने एसएनसीयू का उद्घाटन किया। इस दौरान डफरिन की एसआईसी डॉ. नीता रानी, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमकुम शर्मा, डॉ. शिव कुमार, डॉ. एचएस गुप्ता, डॉ. शुभा मिश्रा, डॉ. रुचि जैन आदि मौजूद रहे।
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जगह कम पड़ी, चार मशीनें किनारे
इंजीनियरों की लापरवाही के कारण एसएनसीयू में चार मशीनों को रखने की जगह ही नहीं बची है। इन मशीनों को किनारे रखा गया है। वार्ड में वार्मर वाले आठ बेड और फोटोथेरेपी वाले चार बेड ही लग पाए हैं। अब सिर्फ वही बच्चे रेफर होंगे जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत नहीं होगी। डॉ. शिव कुमार ने बताया कि बाल रोग अस्पताल में भर्ती एक बच्चे के पिता ने डफरिन में वापस आने के लिए बात की है। बच्चे की मां डफरिन में ही भर्ती है।
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सिर्फ दो डॉक्टरों ने किया ज्वाइन
एसएनसीयू के तीन डॉक्टरों को इंटरव्यू में सेलेक्ट किया गया था लेकिन सिर्फ डॉ. आशीष कुमार सक्सेना और डॉ. शैलेंद्र सिंह राठौर ने ही ज्वाइन किया। यहां आठ स्टाफ नर्स, दो सफाईकर्मी और एक चपरासी की तैनाती हुई है। खाली पड़े डॉक्टर के एक पद पर जल्द ही इंटरव्यू होने की संभावना है।