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UP: नूरी ने 50 हजार में बनवाया था इरफान का फर्जी आधार कार्ड, विधायक पर मुसीबत पड़ी तो शौकत ने निभाई दोस्ती
Mon, 14 Aug 2023 10:11 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Aug 2023 10:11 AM IST
सार
सपा महिला मोर्चा की पूर्व नगर अध्यक्ष नूरी शौकत ने 50 हजार रुपये में विधायक इरफान सोलंकी का फर्जी आधार कार्ड बनवाया था। नूरी ने अपने एकाउंट से ही अशरफ के नाम पर हवाई टिकट बुक कराया। अपनी बहन रूही से नोएडा का होटल बुक करवाया और अपने मौसा इशरत के साथ दिल्ली एयरपोर्ट तक इरफान को छोड़ने भी गई।
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विधायक इरफान सोलंकी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा विधायक इरफान सोलंकी का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले वाले को नूरी शौकत ने 50 हजार रुपये का भुगतान किया था। यह बात अशरफ के बयान से सामने आई है। सपा महिला मोर्चा की पूर्व नगर अध्यक्ष नूरी शौकत और विधायक इरफान सोलंकी के बीच अच्छी दोस्ती थी। विधायक पर जब मुसीबत पड़ी तो नूरी ने दोस्ती निभाई लेकिन उसकी दोस्ती उसके साथ उसके भाई अशरफ और मौसा इशरत पर भी भारी पड़ गई।
इरफान को कानपुर से फरार कराने के लिए नूरी ने ही अपने ब्यूटी पार्लर में अशरफ के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें फोटो इरफान की थी। नूरी ने अपने एकाउंट से ही अशरफ के नाम पर हवाई टिकट बुक कराया।
अपनी बहन रूही से नोएडा का होटल बुक करवाया और अपने मौसा इशरत के साथ दिल्ली एयरपोर्ट तक इरफान को छोड़ने भी गई। इन सभी बातों का खुलासा फर्जी इस मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुए मुकदमे की विवेेचना के बाद पुलिस की चार्जशीट से हुआ है।
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चार्जशीट के अनुसार गाड़ी नंबर यूपी 78 जीयू 8655 से इरफान कानपुर से दिल्ली फरार हुआ था। गाड़ी 10 नवंबर 2022 को बाराजोड़ कानपुर देहात, अनंतराम औरैया, कठफोरी फिरोजाबाद, फतेहाबाद आगरा, रेलकला आगरा, मथुरा व जेवर टोल प्लाजा को पार करते हुए दिल्ली पहुंची थी। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज को चार्जशीट का आधार बनाया गया है।
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इरफान को कानपुर से फरार कराने के लिए नूरी ने ही अपने ब्यूटी पार्लर में अशरफ के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें फोटो इरफान की थी। नूरी ने अपने एकाउंट से ही अशरफ के नाम पर हवाई टिकट बुक कराया।
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अपनी बहन रूही से नोएडा का होटल बुक करवाया और अपने मौसा इशरत के साथ दिल्ली एयरपोर्ट तक इरफान को छोड़ने भी गई। इन सभी बातों का खुलासा फर्जी इस मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुए मुकदमे की विवेेचना के बाद पुलिस की चार्जशीट से हुआ है।
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चार्जशीट के अनुसार गाड़ी नंबर यूपी 78 जीयू 8655 से इरफान कानपुर से दिल्ली फरार हुआ था। गाड़ी 10 नवंबर 2022 को बाराजोड़ कानपुर देहात, अनंतराम औरैया, कठफोरी फिरोजाबाद, फतेहाबाद आगरा, रेलकला आगरा, मथुरा व जेवर टोल प्लाजा को पार करते हुए दिल्ली पहुंची थी। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज को चार्जशीट का आधार बनाया गया है।
दिल्ली एयरपोर्ट से पता चला कि दिल्ली से मुंबई जाने वाली 12 में से किसी फ्लाइट की यात्री सूची में इरफान का नाम नहीं था। सूची में अशरफ का नाम मिला। लेकिन अशरफ के मोबाइल की लोकेशन 11 नवंबर को कानपुर में ही मिली जबकि इस दिन इरफान के मोबाइल बंद थे। इससे साफ हो गया कि इरफान ने ही अशरफ के नाम पर यात्रा की। एयरपोर्ट के एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों में भी इरफान की फोटो कैद हुई है।
पति से नूरी के रिश्ते थे खराब
अशरफ ने बयान में बताया था कि नूरी की शादी कर्नलगंज निवासी साहबे आलम से हुई थी लेकिन रिश्ते खराब हो गए थे और तलाक की नौबत आ गई थी। नूरी मायके में ही रहती थी। नूरी और इरफान की अच्छी दोस्ती थी। इरफान अक्सर घर आते-जाते थे। वहीं नूरी के ड्राइवर अम्मार इलाही ने भी बताया था कि वह और इरफान एक साथ पढ़े थे। दोनों के बीच पुराने संबंध थे।
अशरफ ने बयान में बताया था कि नूरी की शादी कर्नलगंज निवासी साहबे आलम से हुई थी लेकिन रिश्ते खराब हो गए थे और तलाक की नौबत आ गई थी। नूरी मायके में ही रहती थी। नूरी और इरफान की अच्छी दोस्ती थी। इरफान अक्सर घर आते-जाते थे। वहीं नूरी के ड्राइवर अम्मार इलाही ने भी बताया था कि वह और इरफान एक साथ पढ़े थे। दोनों के बीच पुराने संबंध थे।
कमरा नंबर 301 में रुके थे नूरी-इरफान
10 नवंबर 2022 को इरफान, नूरी, अम्मार व इशरत नोएडा के हैप्पी स्टे होम होटल में रुके थे। नूरी के कहने पर उसकी बहन रूही ने होटल में दो कमरे बुक कराए थे। कमरा नंबर 301 में नूरी और इरफान रुके थे जबकि 302 में अम्मार इलाही व इशरत अली रुके थे।
10 नवंबर 2022 को इरफान, नूरी, अम्मार व इशरत नोएडा के हैप्पी स्टे होम होटल में रुके थे। नूरी के कहने पर उसकी बहन रूही ने होटल में दो कमरे बुक कराए थे। कमरा नंबर 301 में नूरी और इरफान रुके थे जबकि 302 में अम्मार इलाही व इशरत अली रुके थे।
होटल मैनेजर आकाश चौधरी के बयान से भी यह बात साफ हुई है। उसे भी गवाह भी बनाया गया है। सीडीआर रिपोर्ट बताती है कि नूरी ने अम्मार से सात बार, अशरफ से 53 बार, इरफान से 36 बार व इशरत से 82 बार बातचीत की।
इरफान ने समर्पण से पहले इशरत को दिया था आधार कार्ड
अशरफ ने कहा था कि अगर काम हो जाए तो फर्जी आधार कार्ड को जला देना नहीं तो बेवजह मैं भी फंस जाऊंगा लेकिन आधार जलाया नहीं गया। 2 दिसंबर को इरफान ने सुबह इशरत को बुलाया और कहा कि वह पुलिस के सामने हाजिर होने जा रहा है।
अशरफ ने कहा था कि अगर काम हो जाए तो फर्जी आधार कार्ड को जला देना नहीं तो बेवजह मैं भी फंस जाऊंगा लेकिन आधार जलाया नहीं गया। 2 दिसंबर को इरफान ने सुबह इशरत को बुलाया और कहा कि वह पुलिस के सामने हाजिर होने जा रहा है।
इसके बाद आधार कार्ड इशरत को दिया और कहा कि इसे हिफाजत से रख देना, किसी के हाथ न पड़े। इशरत ने वह आधार कार्ड अपने ही घर पर रख दिया जो पुलिस ने बरामद किया था।
फर्जी आधार कार्ड बनते रिक्शा चालक ने देखा था
ग्वालटोली चर्च रोड निवासी कदीर रिक्शा चलाता था। नूरी के ब्यूटी पार्लर में अक्सर सवारी छोडऩे जाता था इसलिए नूरी को जानता था। 10 नवंबर को भी कदीर सवारी का इंतजार कर रहा था तभी नूरी ने बुलाया और पैसे देकर उससे चाय मंगवाई थी। चाय लेकर लौटे कदीर ने फर्जी आधार कार्ड बनते देखा था। कदीर को चार्जशीट में चश्मदीद गवाह भी बनाया गया है।
ग्वालटोली चर्च रोड निवासी कदीर रिक्शा चलाता था। नूरी के ब्यूटी पार्लर में अक्सर सवारी छोडऩे जाता था इसलिए नूरी को जानता था। 10 नवंबर को भी कदीर सवारी का इंतजार कर रहा था तभी नूरी ने बुलाया और पैसे देकर उससे चाय मंगवाई थी। चाय लेकर लौटे कदीर ने फर्जी आधार कार्ड बनते देखा था। कदीर को चार्जशीट में चश्मदीद गवाह भी बनाया गया है।
फरारी में इस्तेमाल किया था इम्तियाज का सिम
फरारी के दौरान इरफान ने जो मोबाइल सिम इस्तेमाल किया वह बाबूपुरवा निवासी इम्तियाज के नाम पर था। इम्तियाज के पते पर जब पुलिस पहुंची तो पता चला कि वहां मो.नासिर खान पिछले 15 साल से रह रहे हैं। इसके पहले इश्तियाक नाम का किरायेदार रहता था। इश्तियाक का ही बेटा इम्तियाज था।
फरारी के दौरान इरफान ने जो मोबाइल सिम इस्तेमाल किया वह बाबूपुरवा निवासी इम्तियाज के नाम पर था। इम्तियाज के पते पर जब पुलिस पहुंची तो पता चला कि वहां मो.नासिर खान पिछले 15 साल से रह रहे हैं। इसके पहले इश्तियाक नाम का किरायेदार रहता था। इश्तियाक का ही बेटा इम्तियाज था।