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पहले प्रसाद के नाम पर खाई नॉनवेज बिरयानी फिर पंचायत बुलाकर शुद्धीकरण कराने के लिए मांगे 50 हजार
Sun, 08 Sep 2019 12:13 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 08 Sep 2019 12:13 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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महोबा में चरखारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सालट में एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने पहले प्रसाद के नाम पर बिरयानी खाई। इसके बाद शुद्धीकरण के नाम पर दूसरे समुदाय से पचास हजार रुपये की मांग की। तनातनी बढ़ने पर कोतवाल ने दोनों पक्षों के साथ बैठकर सुलह कराई। तब जाकर मामला शांत हुआ।
31 अगस्त को शेख पीर बाबा के कार्यक्रम में पूड़ी, सब्जी और बिरयानी का लंगर किया गया। एक समुदाय ने बिरयानी खाई और दूसरे समुदाय ने पूड़ी-सब्जी का प्रसाद लिया। एक समुदाय के कुछ लोगों ने मुर्गे की बिरयानी भी खा ली। इस पर गांव के ही कुछ लोगों ने दो दिन बाद धर्म भ्रष्ट होने की बात कहकर पूरे गांव को भोज कराने और गंगा नहाने की बात कही।
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31 अगस्त को शेख पीर बाबा के कार्यक्रम में पूड़ी, सब्जी और बिरयानी का लंगर किया गया। एक समुदाय ने बिरयानी खाई और दूसरे समुदाय ने पूड़ी-सब्जी का प्रसाद लिया। एक समुदाय के कुछ लोगों ने मुर्गे की बिरयानी भी खा ली। इस पर गांव के ही कुछ लोगों ने दो दिन बाद धर्म भ्रष्ट होने की बात कहकर पूरे गांव को भोज कराने और गंगा नहाने की बात कही।
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गंगा नहाने और धार्मिक अनुष्ठान के लिए आयोजक से की पैसे की मांग
इस पर बिरयानी खाने वाले आधा दर्जन लोगों ने कार्यक्रम के आयोजक शेख कल्लू से गांव में धार्मिक अनुष्ठान कराने, ग्रामीणों को भोज कराने और गंगा नहाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। आयोजक ने इतनी बढ़ी धनराशि देने से मना कर दिया। जिस पर गांव की पंचायत बुलाई गई।
पंचायत में कोतवाली प्रभारी अनूप दुबे भी भनक लगने पर पहुंच गए। भरी पंचायत में कोतवाली प्रभारी ने पूछा कि आपने बिरयानी मर्जी से खाई या बिरयानी खाने के लिए आप पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जोर किसी ने नहीं दिया। कुछ लोगों को मांगने पर बिरयानी दी गई। इस पर कोतवाली प्रभारी ने कहा कि जब आपने ने मर्जी से बिरयानी खाई है तो पैसा आयोजक क्यों देगा और दोनों पक्षों से राजीनामा लिखाकर मामला शांत करा दिया।
पंचायत में कोतवाली प्रभारी अनूप दुबे भी भनक लगने पर पहुंच गए। भरी पंचायत में कोतवाली प्रभारी ने पूछा कि आपने बिरयानी मर्जी से खाई या बिरयानी खाने के लिए आप पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि जोर किसी ने नहीं दिया। कुछ लोगों को मांगने पर बिरयानी दी गई। इस पर कोतवाली प्रभारी ने कहा कि जब आपने ने मर्जी से बिरयानी खाई है तो पैसा आयोजक क्यों देगा और दोनों पक्षों से राजीनामा लिखाकर मामला शांत करा दिया।