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Kanpur News: एनओसी मिली, इंक्यूबेशन सेंटर में जल्द रोजगार प्रशिक्षण शुरू होने की उम्मीद
Sat, 22 Aug 2026 01:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:59 AM IST
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कानपुर देहात। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर स्थित इंक्यूबेशन सेंटर में बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी शुक्रवार को मिल गई। अब दूध, पेठा और बेकरी में स्वरोजगार के लिए इच्छुक युवाओं को जल्द प्रशिक्षण की उम्मीद जगी है। यहां हर साल एक हजार लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
आलमचंद्रपुर में उद्यान विभाग की नर्सरी परिसर में दो साल पहले करीब एक करोड़ की लागत से इंक्यूबेशन सेंटर भवन बनाया गया। इसके बाद करीब ढाई करोड़ की लागत से पेठा, दूध व बेकरी उत्पाद प्रशिक्षण के लिए उन्नत मशीनें लगाई गईं। मशीनों के संचालन के लिए 75 किलोवाट बिजली कनेक्शन की जरूरत बताई गई। इस पर पांच बिजली पोल की नई लाइन बनवाई गई। इस काम में करीब छह महीने का समय लगा। डबल पोल पर ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली निगम के अफसरों ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मांगी। एनओसी नहीं होने पर बिजली कनेक्शन अटक गया।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी के लिए बीते 13 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन किया। अगस्त शुरुआत में निदेशालय की टीम ने सर्वे किया। इसके बाद एनओसी निर्गत करने के लिए प्रकरण लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया। शुक्रवार को वायरिंग में कुछ कमियां दूर करने की शर्त के साथ एनओसी निर्गत की गई है। वायरिंग में कोनों पर सही फिटिंग कराने और एक के बजाय दो अर्थिंग बनवाने की शर्त लगाई है।
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इधर एनओसी मिलने पर अब करीब एक साल से यहां लगी मशीनों का ट्रायल रन शुरू होने और जल्द ही युवाओं व समूह की महिलाओं में रोजगार प्रशिक्षण की शुरुआत की उम्मीद जगी है। कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता विश्वजीत त्रिवेदी ने बताया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिल गई है। जो खामियां बताई गई हैं उन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी अब जिला उद्यान अधिकारी को भेज दी गई है। उनके स्तर पर बिजली निगम के अभियंता से वार्ता कर बिजली कनेक्शन कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
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बयान.....
मशीनों के ट्रायल रन के लिए गुजरात की संस्था तय है। शुक्रवार को ही विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिली है। अब एक्सईएन विद्युत से संपर्क कर बिजली कनेक्शन कराकर स्विच रूम संचालित किया जाएगा। इसके बाद इंक्यूबेशन सेंटर में लगाई गई मशीनों का ट्रायल रन होगा। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
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हर साल प्रशिक्षित होंगे एक हजार लोग
जनपद में पेठा बनाने के लिए कुम्हड़ा की फसल उगाई जाती है। इसकी वजह से यहां कच्चा माल उपलब्ध है। बने बनाए पेठा की गर्मी में खूब मांग होती है। इधर बेकरी उत्पादों की खूब मांग है। हालात ये हैं कि कानपुर शहर से यहां बेकरी उत्पाद की आपूर्ति होती है। वहीं, जिले में दूध उत्पादन होने और दुग्ध उत्पादों का बाजार उपलब्ध होने से स्वरोजगार के अच्छे मौके हैं। इंक्यूबेशन सेंटर में हर साल करीब एक हजार युवाओं व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। इससे स्वरोजगार बढ़ेगा और हाथों को काम मिलेगा।
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आलमचंद्रपुर में उद्यान विभाग की नर्सरी परिसर में दो साल पहले करीब एक करोड़ की लागत से इंक्यूबेशन सेंटर भवन बनाया गया। इसके बाद करीब ढाई करोड़ की लागत से पेठा, दूध व बेकरी उत्पाद प्रशिक्षण के लिए उन्नत मशीनें लगाई गईं। मशीनों के संचालन के लिए 75 किलोवाट बिजली कनेक्शन की जरूरत बताई गई। इस पर पांच बिजली पोल की नई लाइन बनवाई गई। इस काम में करीब छह महीने का समय लगा। डबल पोल पर ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली निगम के अफसरों ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मांगी। एनओसी नहीं होने पर बिजली कनेक्शन अटक गया।
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कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी के लिए बीते 13 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन किया। अगस्त शुरुआत में निदेशालय की टीम ने सर्वे किया। इसके बाद एनओसी निर्गत करने के लिए प्रकरण लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया। शुक्रवार को वायरिंग में कुछ कमियां दूर करने की शर्त के साथ एनओसी निर्गत की गई है। वायरिंग में कोनों पर सही फिटिंग कराने और एक के बजाय दो अर्थिंग बनवाने की शर्त लगाई है।
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इधर एनओसी मिलने पर अब करीब एक साल से यहां लगी मशीनों का ट्रायल रन शुरू होने और जल्द ही युवाओं व समूह की महिलाओं में रोजगार प्रशिक्षण की शुरुआत की उम्मीद जगी है। कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता विश्वजीत त्रिवेदी ने बताया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिल गई है। जो खामियां बताई गई हैं उन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी अब जिला उद्यान अधिकारी को भेज दी गई है। उनके स्तर पर बिजली निगम के अभियंता से वार्ता कर बिजली कनेक्शन कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
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बयान.....
मशीनों के ट्रायल रन के लिए गुजरात की संस्था तय है। शुक्रवार को ही विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी मिली है। अब एक्सईएन विद्युत से संपर्क कर बिजली कनेक्शन कराकर स्विच रूम संचालित किया जाएगा। इसके बाद इंक्यूबेशन सेंटर में लगाई गई मशीनों का ट्रायल रन होगा। - डॉ. बल्देव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
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हर साल प्रशिक्षित होंगे एक हजार लोग
जनपद में पेठा बनाने के लिए कुम्हड़ा की फसल उगाई जाती है। इसकी वजह से यहां कच्चा माल उपलब्ध है। बने बनाए पेठा की गर्मी में खूब मांग होती है। इधर बेकरी उत्पादों की खूब मांग है। हालात ये हैं कि कानपुर शहर से यहां बेकरी उत्पाद की आपूर्ति होती है। वहीं, जिले में दूध उत्पादन होने और दुग्ध उत्पादों का बाजार उपलब्ध होने से स्वरोजगार के अच्छे मौके हैं। इंक्यूबेशन सेंटर में हर साल करीब एक हजार युवाओं व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है। इससे स्वरोजगार बढ़ेगा और हाथों को काम मिलेगा।