{"_id":"5bf545fabdec2269695da8ee","slug":"no-addicted-to-narcotics-can-get-weapons-license","type":"story","status":"publish","title_hn":"मादक पदार्थों का आदी व्यक्ति नहीं पा सकेगा शस्त्र लाइसेंस, ये हैं कुछ और नए नियम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मादक पदार्थों का आदी व्यक्ति नहीं पा सकेगा शस्त्र लाइसेंस, ये हैं कुछ और नए नियम
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 21 Nov 2018 05:18 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शस्त्र लाइसेंस के लिए मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण भी कराना होगा। सीएमओ दफ्तर से परीक्षण कराकर प्रमाणपत्र आवेदन के साथ लगाना होगा। हाईकोर्ट के आदेश पर कई साल से असलहा लाइसेंस बनाने पर रोक लगी थी।
रोक हटने के बाद से कलक्ट्रेट से फार्म खरीदकर भरने के बाद जमा करने को भीड़ लगी रहती है। मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लगाए बिना आवेदन करने वालों को लौटाया जा रहा है। दरअसल, लाइसेंसी हथियार से खुदकुशी और मामूली विवादों में हत्या जैसे मामले बढ़ने पर हाईकोर्ट ने मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है।
हालांकि आर्म्स एक्ट 2016 में प्रारूप चार पर यह प्रावधान पहले से ही था। इसके बावजूद बिना स्वास्थ्य और मानसिक परीक्षण के असलहा लाइसेंस जारी कर दिए जाते थे। अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर को यह भी देखना होगा कि असलहा लाइसेंस आवेदक किसी तरह के मादक पदार्थों का आदी तो नहीं है। असलहा दफ्तर को लाइसेंस के आवेदन के साथ मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लेने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोक हटने के बाद से कलक्ट्रेट से फार्म खरीदकर भरने के बाद जमा करने को भीड़ लगी रहती है। मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लगाए बिना आवेदन करने वालों को लौटाया जा रहा है। दरअसल, लाइसेंसी हथियार से खुदकुशी और मामूली विवादों में हत्या जैसे मामले बढ़ने पर हाईकोर्ट ने मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है।
विज्ञापन
हालांकि आर्म्स एक्ट 2016 में प्रारूप चार पर यह प्रावधान पहले से ही था। इसके बावजूद बिना स्वास्थ्य और मानसिक परीक्षण के असलहा लाइसेंस जारी कर दिए जाते थे। अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर को यह भी देखना होगा कि असलहा लाइसेंस आवेदक किसी तरह के मादक पदार्थों का आदी तो नहीं है। असलहा दफ्तर को लाइसेंस के आवेदन के साथ मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लेने को कहा गया है।
विज्ञापन