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UP: मैं क्या करूं? जिंदगी मीनिंग लेस हो गई है…एनआईटी के छात्र ने ट्रेन से कटकर जान दी
Mon, 21 Apr 2025 06:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 21 Apr 2025 06:53 PM IST
सार
Hardoi News: एनआईटी के छात्र ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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प्रशांत की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोतवाली क्षेत्र के धामापुर गांव निवासी युवक ने बिहार के पटना में ट्रेन से कटकर खुदकुशी करली। पटना में उसके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा है कि पापा, मैं जानता हूं कि आपकी बहुत सी उम्मीदें जुड़ीं हैं मुझसे, लेकिन मैं क्या करूं? जिंदगी बहुत रंगहीन और मीनिंग लेस हो गई है…। सुसाइड नोट में फ्रस्ट्रेशन होने का जिक्र भी किया गया है।
धामापुर गांव निवासी हरिओम पाल का पुत्र प्रशांत पाल एनआईटी पटना में बीटेक का छात्र था। वह छठे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। बीते शनिवार रात उसने पटना में ही ट्रेन से कटकर जान दे दी। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। पटना गए परिजन शव लेकर गांव आए और सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशांत पाल को एक विचित्र बीमारी थी। बीमारी को लेकर वह तनाव में रहता था। परिजनों के मुताबिक प्रशांत के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उसने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए खुदकुशी किए जाने की बात कही है। इसके लिए किसी को भी दोषी नहीं ठहराया है। मृतक चार भाई बहनों में दूसरे नंबर का बड़ा था।
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धामापुर गांव निवासी हरिओम पाल का पुत्र प्रशांत पाल एनआईटी पटना में बीटेक का छात्र था। वह छठे सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा था। बीते शनिवार रात उसने पटना में ही ट्रेन से कटकर जान दे दी। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। पटना गए परिजन शव लेकर गांव आए और सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशांत पाल को एक विचित्र बीमारी थी। बीमारी को लेकर वह तनाव में रहता था। परिजनों के मुताबिक प्रशांत के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में उसने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए खुदकुशी किए जाने की बात कही है। इसके लिए किसी को भी दोषी नहीं ठहराया है। मृतक चार भाई बहनों में दूसरे नंबर का बड़ा था।
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... तो होली से पहले ही ले लिया था खुदकुशी करने का फैसला
सुसाइड नोट में प्रशांत ने लिखा है कि वह होली में घर गया था। खुदकुशी करने का फैसला होली से पहले ही कर लिया था। चाहत थी कि एक बार सभी को घर जाकर देख लें। होली में यह चाहत पूरी हो गई। होली की छुट्टी के बाद प्रशांत वापस गया, तो फिर उसका शव ही गांव आया। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि पिछले 18-20 दिन से सो नहीं पा रहा हूं। दवाइयां लेना भी बंद कर दी हैं क्योंकि कोई फायदा नहीं दिख रहा था।
सुसाइड नोट में प्रशांत ने लिखा है कि वह होली में घर गया था। खुदकुशी करने का फैसला होली से पहले ही कर लिया था। चाहत थी कि एक बार सभी को घर जाकर देख लें। होली में यह चाहत पूरी हो गई। होली की छुट्टी के बाद प्रशांत वापस गया, तो फिर उसका शव ही गांव आया। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि पिछले 18-20 दिन से सो नहीं पा रहा हूं। दवाइयां लेना भी बंद कर दी हैं क्योंकि कोई फायदा नहीं दिख रहा था।