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पार्क विकसित कर एनजीओ-समाज सेवियों का सौंपें

Fri, 27 May 2016 12:37 AM IST
AMARUJALA BEARO
AMARUJALA BEARO Updated Fri, 27 May 2016 12:37 AM IST
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NGO-social workers assigned to parks
कमिश्नर कैंप कार्यालय में समस्याओं के संबंध मंे उद्योग बंधु व नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक करते कमिश्नर। - फोटो : amarujala
कानपुर। कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन ने उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं के पूर्ण समाधान के लिए अब सिर्फ एक विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की कवायद शुरू की है। इसी के तहत गुरुवार को नगर निगम के सभी अफसरों और उद्योग बंधु व व्यापार बंधु में समस्या उठाने वाले व्यापारियों और उद्यमियों को आमने सामने कराया। व्यापारियों-उद्यमियों ने समस्याएं बताईं और कमिश्नर ने एक सप्ताह से लेकर एक माह में इनके निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी। हिदायत दी कि अगली मीटिंग में इन बिंदुओं पर चर्चा न हो तो अच्छा है। आप भी जानिए किस मसले पर कमिश्नर का कैसा रहा रुख ः-
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हर माह एक पार्क हो विकास 
उद्यमी बृजेश अवस्थी ने बदहाल पार्कों की समस्या उठाई तो कमिश्नर ने नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह को निर्देश दिया कि हर माह एक पार्क को विकसित करें और उसे एनजीओ, समाजसेवियों अथवा स्थानीय नागरिकों को सौंप दें। उन्हें इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपें। लोगों को आगे लाने के लिए उन्हें जागरूक करने की भी बात कही।
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जरीब चौकी से विजय नगर 
तक हटे मलबा, अतिक्रमण 
जरीब चौकी से विजय नगर चौराहे तक सड़क किनारे अतिक्रमण, जगह जगह पड़ा पड़ा मलबा, अतिक्रमण की समस्या पर उन्होंने नगर निगम के साथ, पीडब्ल्यूडी को भी निर्देशित किया। कहाकि एक सप्ताह के अंदर यहां साफ सफाई नहीं होती तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करके विभागीय कार्रवाई की जाए। 
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आवारा जानवरों के खिलाफ 
तेज करें अभियान 
आवारा जानवरों की समस्या के लिए नगर निगम जिम्मेदार है। इससे राहत के लिए लगातार अभियान चलता रहना चाहिए। इस पर निगम के अफसरों ने बताया कि पिछले साल 3451 व इस वित्तीय वर्ष में 15 मई तक 576 पशुओं को पकड़ा जा चुका है। कमिश्नर ने सवाल दागा कि फिर इतनी समस्या क्यों है शहर में? कहां से आते हैं जानवर? और तेज करो अभियान। 

चट्टे हर हाल में करें बाहर 
चट्टे वालों को शहर से बाहर जाना ही होगा। इसके लिए केडीए और नगर निगम मिल कर कार्य करें। इस पर निगम के अफसरों ने बताया कि 922 चट्टे चिह्नित किए गए हैं। 192 भूखंड  केडीए की ओर से इन्हें आवंटित भी किए गए। 139 चट्टे वालों ने रजिस्ट्री करा ली है। शेष चट्टों के लिए जमीन तलाशी जा रही है। 
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