फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   News related to service tax and Gst

टर्नओवर छिपाकर काम करने वालों पर भारी पड़ेंगे 2 महीने, स्टेट जीएसटी ने लिया ये बड़ा फैसला

Wed, 16 Jan 2019 01:00 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 16 Jan 2019 01:00 PM IST
विज्ञापन
News related to service tax and Gst
डेमो
अगले दो महीने सर्विस टैक्स चोरी करने वालों पर भारी पड़ सकते हैं। स्टेट जीएसटी अफसरों ने टर्नओवर छिपाकर काम करने वाले सेवा प्रदाताओं के खिलाफ 31 मार्च तक लगातार अभियान चलाने की रणनीति बनाई है। सेक्टर के अफसरों ने कानपुर शहर के 200 ऐसे सेवा प्रदाताओं की सूची तैयार की है जो टर्नओवर छिपाकर कारोबार कर रहे हैं।
विज्ञापन


विभागीय सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल से वर्तमान में निर्धारित टर्नओवर की सीमा 20 लाख से बढ़कर 40 लाख हो जाएगी। ऐसी स्थिति में टर्नओवर छिपाकर कारोबार करने वाले स्वत: ही इस दायरे से बाहर हो जाएंगे। लेकिन वर्तमान में बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी हैं जिनका 30 से 40 लाख रुपये का टर्नओवर है लेकिन खुद को जीएसटी से बाहर दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

News related to service tax and Gst
डेमो
इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे सेवा प्रदाता भी हैं जिन्होंने अपने काम को दो हिस्सों में बांटकर टर्नओवर कम कर लिया। इस कारण सेवा प्रदाताओं की संख्या में बहुत अधिक इजाफा नहीं हो पा रहा है। हकीकत ये है कि शहर में सेवा प्रदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

जांच के पहले चरण में उन सेवा प्रदाताओं को शामिल किया जा रहा, जिनका टर्नओवर सालाना 20 लाख से ऊपर है, लेकिन काम का आकार दिखाई न पड़ने की वजह से अभी तक टैक्स के दायरे से बचे रहे हैं।

News related to service tax and Gst
डेमो
इनमें कुछ कैटेगरी निर्धारित की गई हैं। मसलन कोचिंग संस्थान, रेस्टोरेंट, फूड प्लाजा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सिक्योरिटी एजेंसी, प्लेसमेंट एजेंसियों को सबसे ऊपर रखा गया है। इन पर लगातार छापामार अभियान चलेगा।

संबंधित विभागों से जुटा रहे डाटा
छोटे सेवा प्रदाताओं को टैक्स के दायरे में लाने के लिए संबंधित विभागों जैसे नगर निगम, नगर पालिका, खाद्य सुरक्षा, बिजली, श्रम विभाग से भी लगातार डाटा जुटाया जा रहा है। बाजारों में लगे साइन बोर्ड, विज्ञापनों आदि के जरिये बड़े प्रतिष्ठानों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद खंडाधिकारियों के जरिये इनका भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। टैक्स की चोरी पाए जाने पर उसे छापे में तब्दील कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed