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तेजी से बढ़ रहा फार्मेसी पाठ्यक्रम का क्रेज, यहां 700 से ज्यादा कॉलेज खोलने को आए आवेदन
Wed, 27 Feb 2019 05:42 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 27 Feb 2019 05:42 PM IST
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फार्मेसी पाठ्यक्रम का क्रेज दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। इसका अंदाजा इस बार ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के पास नए कॉलेज खोलने के लिए आए आवेदनों की संख्या से लगाया जा सकता है।
काउंसिल के पास कुल 750 आवेदन आए हैं जिसमें करीब 700 आवेदन केवल फार्मेसी कॉलेज के लिए हैं। जबकि शेष इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और डिप्लोमा के लिए आवेदन किया है। अब काउंसिल के विशेषज्ञों की टीम ने स्क्रूटनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जाता है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और जो कॉलेज काउंसिल के मानक पूरा करेंगे उन्हें अनुमति भी दे दी जाएगी।
काउंसिल के क्षेत्रीय निदेशक मनोज तिवारी ने बताया कि अगर स्क्रूटनी में आवेदन मानक के अनुसार पाए जाते हैं तो उन्हें पहले लेटर ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद उनके कॉलेज का निरीक्षण होगा। सबकुछ सही रहा तो उन्हें कोर्स संचालित करने की अनुमति दे दी जाएगी। जिन कॉलेजों के आवेदन मानक के अनुसार नहीं मिलेंगे उन्हें सबकुछ सही करने के लिए दोबारा मौका दिया जाएगा और फिर उनकी स्क्रूटनी होगी।
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काउंसिल के पास कुल 750 आवेदन आए हैं जिसमें करीब 700 आवेदन केवल फार्मेसी कॉलेज के लिए हैं। जबकि शेष इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और डिप्लोमा के लिए आवेदन किया है। अब काउंसिल के विशेषज्ञों की टीम ने स्क्रूटनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जाता है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और जो कॉलेज काउंसिल के मानक पूरा करेंगे उन्हें अनुमति भी दे दी जाएगी।
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काउंसिल के क्षेत्रीय निदेशक मनोज तिवारी ने बताया कि अगर स्क्रूटनी में आवेदन मानक के अनुसार पाए जाते हैं तो उन्हें पहले लेटर ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद उनके कॉलेज का निरीक्षण होगा। सबकुछ सही रहा तो उन्हें कोर्स संचालित करने की अनुमति दे दी जाएगी। जिन कॉलेजों के आवेदन मानक के अनुसार नहीं मिलेंगे उन्हें सबकुछ सही करने के लिए दोबारा मौका दिया जाएगा और फिर उनकी स्क्रूटनी होगी।
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