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विजयदशमी विशेषः नीलकंठ, पान, शमी वृक्ष, कछुआ इन सभी का हिंदू धर्म में है विशेष महत्व
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 01 Oct 2017 09:59 AM IST
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विजयदशमी विशेष
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विजयदशमी के दिन नीलकंठ पक्षी और कछुए को देखना शुभ माना जाता है। दशहरा एक ऐसा त्योहार है जिसमें लोग अपनी छतों, बगीचों के आसपास नीलकंठ पक्षी को निहारते हैं। जल और थल दोनों जगहों पर निवास करने वाले जीव कछुए को केवल स्पर्श करने से ही लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
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शमी वृक्ष पर कलावा बांधकर लोगों ने मन्नत मांगी
विजयदशमी विशेष
इन मान्यताओं का निर्वहन करते हुए कानपुर में सालों से विजयदशमी का त्योहार विशेष रूप से मनाया जा रहा है। मंगलवार को बाजारों में इस त्योहार की विशेष रौनक दिखी। परेड रामलीला मैदान के पास बने शमी वृक्ष पर कलावा बांधकर लोगों ने मन्नत मांगी। इसके बाद नीलकंठ और कुछुए के दर्शन किये गए। जनश्रुति तो और भी हैं लेकिन कई स्थानों पर दोनों बातों का विशेष महत्व है।
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पान का बीड़ा खाने की विशेष परम्परा
विजयदशमी विशेष
कानपुर में विजयदशमी के अवसर पर रावण दहन के बाद पान का बीड़ा खाने की विशेष परम्परा है। ऐसा माना जाता है दशहरे के दिन पान खाकर लोग असत्य पर हुई सत्य की जीत की खुशी को व्यक्त करते हैं और यह बीड़ा उठाते हैं कि वह हमेशा सत्य के मार्ग पर चलेंगे। इस विषय पर ज्योतिषाचार्य पंडित केके तिवारी का कहना है कि पान का पत्ता मान और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए हर शुभ कार्य में इसका उपयोग किया जाता है।
शस्त्र पूजन की विशेष परम्परा
विजयदशमी विशेष
विजयदशमी के शुभ अवसर शस्त्र पूजन की विशेष परम्परा चलती है। इस अवसर पर कानपुर के लोगों ने शस्त्र पूजन किया। मेस्टन रोड, गोविंद नगर, परेड, चकेरी, कल्याणपुर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। वीर अभिमन्यु क्षत्रिय सभा के लोगों ने शिवाय पैलेस अफीमकोठी के पास एकत्र होकर शस्त्रों की पूजा की। भगवान श्रीराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दशहरे का त्योहार मनाया गया।