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बिहार से गिरफ्तार नक्सली बच्चा प्रसाद का जानिए कानपुर कनेक्शन, जेल पर करने वाला था हमला

Sun, 08 Mar 2020 05:11 PM IST
शिखा पांडेय सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 08 Mar 2020 05:11 PM IST
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naxalite baccha prasad arrested from bihar, know the kanpur connection
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
बिहार से गिरफ्तार सीपीआई (माओवादी) संगठन का सक्रिय नक्सली बच्चा प्रसाद उर्फ बलराज उर्फ अरविंद की कानपुर में  खासकर ट्रेड यूनियनों में गहरी पैठ है। यहां के मजदूरों को नक्सली गतिविधियों के लिए प्रेरित कर उसने प्रशिक्षण भी दिया था। उस वक्त वह संगठन से सैकड़ों लोगों को जोड़कर विद्रोह करवाकर लखनऊ व कानपुर जेल पर हमला करने वाला था।
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इससे पहले ही वह पकड़ लिया गया था। अब गिरफ्तारी के बाद कानपुर में वर्तमान सक्रियता के बारे में भी जांच एजेंसियों को अहम जानकारियां दी हैं। बिहार के सारण जिला निवासी बच्चा प्रसाद को यूपी एटीएस ने शुक्रवार को बिहार से गिरफ्तार किया था।
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वह विस्फोट की दो घटनाओं में वांछित था। जांच एजेंसियों के मुताबिक सन् 2000 से लेकर 2010 के बीच बच्चा कानपुर में सक्रिय था। वह नौबस्ता के एक किराये के मकान में रहता था। सीपीआई माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। वह अर्बन नक्सल को बढ़ावा दे रहा था।

सन् 2010 में ही एसटीएफ ने शहर से उसको सात अन्य साथियों संग गिरफ्तार कर जेल भेजा था। नौबस्ता थाने में देशद्रोह समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे। शहर में उसने अपना बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। यहां मौजूद उसके सदस्य आज भी सक्रिय हैं।

युवा, बेरोजगार और मजदूर को बनाया निशाना
बच्चा प्रसाद की गिरफ्तार हुई तो सुरक्षा एजेंसियों ने जब उससे पूछताछ की तो कई अहम जानकारियां मिली है। सूत्रों के मुताबिक कानपुर शहर व आसपास के जिलों में उसके सक्रिय सदस्य मौजूद हैं। जो युवाओं, बेरोजगारों व मजदूरों को अपने जाल में फंसाकर भड़का रहे हैं। जिससे वह विद्रोह करें। जांच व सुरक्षा एजेंसियां शहर में बड़ी कार्रवाई कर सकती हैं। पिछले साल एटीएस ने फजलगंज निवासी एक दंपति से पूछताछ की थी।

नए संगठन का कर रहा था प्रचार-प्रसार
जांच एजेंसियों की पूछताछ में बच्चा ने बताया कि उसने एक नया डेमोक्रेटिक संगठन बनाया है। नये संगठन से शहर के कुछ लोगों को भी जोड़ा है। जांच एजेंसियां उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही फंडिंग करने वालों की भी तलाश कर रही है।

तब ये हुए थे गिरफ्तार
सन् 2010 में एटीएस ने बच्चा प्रसाद के साथ चितरंजन, नवीन प्रसाद, अंबरीश, दीपक राम, शिवराम, राजेंद्र व कृपा शंकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं पिछले साथ इन्हीं के संगठन से जड़े दंपति मनीष व अमिता को एटीएस ने भोपाल से पकड़ा था। ये दोनों भी कानपुर में कई वर्षों तक रहे थे। उनकी निशानदेही पर ही एटीएस ने बच्चा प्रसाद को पकड़ा है।
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