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25 मई से नौतपा: अधिक परेशानी भरे रहेंगे शुरुआती पांच दिन, इस साल मानसून होगा अच्छा
Sat, 22 May 2021 11:08 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 22 May 2021 11:08 AM IST
सार
ज्योतिष के मुताबिक इस साल रोहिणी का निवास तट पर रहेगा। बारिश अच्छी होगी, जिससे फसल का उत्पादन भी अच्छा होगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रतिवर्ष ग्रीष्म ऋतु में नौतपा प्रारंभ होता है। इस बार नौतपा वैशाख शुक्ल की चतुर्दशी 25 मई से शुरू होकर आठ जून तक रहेगा। ज्योतिष सेवा संस्थान के अध्यक्ष पवन तिवारी ने बताया कि शुरुआती पांच दिन अधिक परेशानी भरे रहेंगे। बताया कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही धरती का तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा।
ज्योतिष के मुताबिक इस साल रोहिणी का निवास तट पर रहेगा। बारिश अच्छी होगी, जिससे फसल का उत्पादन भी अच्छा होगा। नौतपा के बारे में बताते हुए कहा कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है, तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।
यदि इन नौ दिनों में बारिश न हो और ठंडी हवा न चले तो यह माना जाता है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। इस दौरान सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। सूर्य 12 राशियों 27 नक्षत्रों में भ्रमण करता है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य कुंडली में जिस भी ग्रह के साथ बैठता है, उसके प्रभाव का अस्त कर देता है।
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ज्योतिष के मुताबिक इस साल रोहिणी का निवास तट पर रहेगा। बारिश अच्छी होगी, जिससे फसल का उत्पादन भी अच्छा होगा। नौतपा के बारे में बताते हुए कहा कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आता है, तो उन पंद्रह दिनों के पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है।
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यदि इन नौ दिनों में बारिश न हो और ठंडी हवा न चले तो यह माना जाता है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। इस दौरान सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में जाता है और नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। सूर्य 12 राशियों 27 नक्षत्रों में भ्रमण करता है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य कुंडली में जिस भी ग्रह के साथ बैठता है, उसके प्रभाव का अस्त कर देता है।
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