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Kanpur News: मरने के छह साल बाद नाैशाद बना पिता

Sat, 08 Aug 2026 11:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:47 PM IST
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Naushad became a father six years after his death.
कन्नौज। अभी उन्होंने ठीक से अपनी आंखें भी नहीं खोली हैं... न ही इस बेरहम दुनिया की समझ है। लेकिन जिंदगी की पहली सांस लेते ही दो मासूम ऐसे भयानक चक्रव्यूह में उलझ गए हैं, जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। अस्पताल के वेंटिलेटर और वार्मर की गर्माहट के बीच सांसें ले रहे इन जुड़वां भाई-बहन के नाम के आगे पिता की जगह उस इंसान का नाम दर्ज है, जिसकी मौत छह साल पहले हो चुकी है और जिसकी कब्र आज भी गांव के कब्रिस्तान में मौजूद है! मामला विशुनगढ़ क्षेत्र के एक गांव का है। करीब आठ दिन पहले एक विधवा महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। आरोप है कि मुफ़लिसी और लाचारी के चलते महिला ने दोनों नवजातों का 1.80 लाख रुपये में अलग-अलग लोगों से सौदा कर लिया। भनक लगते ही चाइल्ड लाइन, बाल संरक्षण इकाई और पुलिस की टीम ने मौके पर छापा मारकर दोनों मासूमों को रेस्क्यू किया और जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। जिला अस्पताल की फाइल में बच्चों के पिता का नाम नौशाद दर्ज था। ग्रामीणों का कहना है कि नौशाद की मौत करीब छह साल पहले ही हो चुकी है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया आखिर एक मृत व्यक्ति सालों बाद अस्पताल की फाइलों में फिर से ''''पिता'''' कैसे बन गया। गांव वालों के मुताबिक, पति की मौत के बाद महिला रोजी-रोटी की तलाश में जयपुर चली गई थी। माना जा रहा है कि वहीं वह किसी शख्स के संपर्क में आई और गर्भवती हुई। कुछ समय पहले वह वापस गांव लौटी और बच्चों को जन्म दिया लेकिन बच्चों के रेस्क्यू होते ही मां रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई है। फिलहाल, एसएनसीयू के दो अलग-अलग बेड पर लेटे ये बेकसूर मासूम इस बात से बेखबर हैं कि जिस उम्र में उन्हें मां के आंचल की छांव मिलनी चाहिए थी, उस उम्र में वे अपनी पहचान और वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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तीन अनसुलझे सवाल--
एक :
मुर्दा कैसे बना पिता : छह साल पहले मर चुके व्यक्ति का नाम अस्पताल के सरकारी रिकॉर्ड में किसने और क्यों दर्ज कराया? दो :
कौन है जैविक पिता : इन नवजात जुड़वां बच्चों का असली और जैविक पिता आखिर कौन है? तीन :
लापता मां का सच क्या है : क्या महिला पर सौदेबाजी का दबाव था या यह किसी संगठित बच्चा चोर गिरोह का काम है? -----
सोमवार को उठ सकता है राज से पर्दा
सूत्रों की मानें तो पुलिस और बाल संरक्षण इकाई टीम महिला की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि सोमवार तक महिला के बयान दर्ज हो सकते हैं। उसके सामने आते ही जयपुर कनेक्शन, बच्चों का असली पिता और 1.80 लाख रुपये की लिखापढ़ी के खेल का पूरा सच सामने आ जाएगा।
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वर्जन
अस्पताल की चूक से पिता का नाम गलत लिख गया होगा। बच्चों की मां से संपर्क हो गया है। वह सोमवार को बाल कल्याण समिति में बयान दर्ज कराने आएगी। इसके बाद ही दोनों बच्चों के भविष्य पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
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-अनीता सक्सेना, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
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