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जानिए, कौन हैं नसीमुद्दीन सिद्दीकी, 29 साल से बसपा में थे, अब निकाले
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 12 May 2017 04:01 PM IST
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी
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नसीमुद्दीन सिद्दीकी मूलरूप से बांदा जनपद के स्योढ़ा गांव के रहने वाले हैं। बांदा शहर में भी उनका आवास है। वह राष्ट्रीय स्तर पर वालीबाल के खिलाड़ी रहे। कुछ दिनों तक उन्होंने रेलवे में ठेकेदार के रूप में काम किया। नसीमुद्दीन के राजनैतिक सफर की शुरूआत 1988 में बांदा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने से हुई। यह चुनाव हारने के बाद वह बसपा में शामिल हो गए। 1991 में बसपा के टिकट पर बांदा सदर सीट से विधायक चुने गए। बांदा के इतिहास में पहली बार कोई मुस्लिम विधायक हुआ।
दो साल बाद 1993 में हुए उप चुनाव में वह फिर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े पर हार गए। वर्ष 1995 में पहली बार मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी कैबिनेट मंत्री बने। दूसरी बार 21 मार्च से 21 सितंबर 1997 तक माया सरकार में मंत्री रहे। तीसरी बार 3 मई 2002 से 29 अगस्त 2003 तक माया सरकार के काबीना मंत्री रहे। इसके बाद 13 मई 2007 से 7 मार्च 2012 तक मायावती सरकार में पूरे समय एक दर्जन से ज्यादा विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली आदि के प्रभारी रहे।
पिछले करीब दो दशकों से वह बसपा से लगातार एमएलसी हैं। उनका कार्यकाल जनवरी 2021 तक है। पत्नी हुस्ना सिद्दीकी भी बसपा से पांच वर्ष एमएलसी रहीं। बेटे अफजल ने फतेहपुर से बसपा के टिकट पर पिछला (वर्ष 2014) लोकसभा का चुनाव लड़ा था। पिछले विधान सभा चुनाव में अफजल को बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की कमान सौंपी थी।
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दो साल बाद 1993 में हुए उप चुनाव में वह फिर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े पर हार गए। वर्ष 1995 में पहली बार मायावती मुख्यमंत्री बनीं तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी कैबिनेट मंत्री बने। दूसरी बार 21 मार्च से 21 सितंबर 1997 तक माया सरकार में मंत्री रहे। तीसरी बार 3 मई 2002 से 29 अगस्त 2003 तक माया सरकार के काबीना मंत्री रहे। इसके बाद 13 मई 2007 से 7 मार्च 2012 तक मायावती सरकार में पूरे समय एक दर्जन से ज्यादा विभागों के कैबिनेट मंत्री रहे। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली आदि के प्रभारी रहे।
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पिछले करीब दो दशकों से वह बसपा से लगातार एमएलसी हैं। उनका कार्यकाल जनवरी 2021 तक है। पत्नी हुस्ना सिद्दीकी भी बसपा से पांच वर्ष एमएलसी रहीं। बेटे अफजल ने फतेहपुर से बसपा के टिकट पर पिछला (वर्ष 2014) लोकसभा का चुनाव लड़ा था। पिछले विधान सभा चुनाव में अफजल को बसपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार की कमान सौंपी थी।
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समर्थकों में उबाल, बसपा से इस्तीफा
विरोध जताते नसीमुद्दीन के समर्थक
नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी को पार्टी से निष्कासित किए जाने पर यहां बसपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उबाल आ गया है। बुधवार को खबर मिलते ही आधा सैकड़ा से ज्यादा बसपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सिद्दीकी के यहां स्थित आवास के बाहर बसपा सुप्रीमो मायावती और सतीश मिश्रा आदि के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हएु बसपा से इस्तीफे की घोषणा की।
इनमें ज्यादातर बूथ, सेक्टर और विधान सभा क्षेत्र समितियों के मौजूदा व पूर्व पदाधिकारी हैं। अलीगंज स्थित श्री सिद्दीकी के निज आवास के बाहर इकट्ठा हुए बसपाइयों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से जिलाध्यक्ष को त्यागपत्र भेजा। नसीमुद्दीन के निष्कासन पर गहरा आक्रोश जताते हुए इसकी साजिश करने वाले बसपा नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
साथ ही, पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इनमें सेक्टर महासचिव जैनुद्दीन सौदागर (खुटला) समेत हरिश्चंद्र वर्मा (खाईपार), पूर्व सेक्टर अध्यक्ष शाहिद अली व सरफराज उर्फ गुड्डू, सेक्टर सचिव शाकिर खां, जाकिर खां, महासचिव आरिफ अली, मुबीन अहमद, मकसूद अहमद, हाफिज मतलूब, फहीम सौदागर, शमीम सिद्दीकी, सलीम, शमशाद अली, पप्पू, अब्दुल वदूद, सुरेंद्र कुमार प्रजापति, संतोष प्रजापति, अनिल श्रीवास, लालू सोनकर, मुबीन मंसूरी, शराफत मंसूरी इत्यादि शामिल थे।
इनमें ज्यादातर बूथ, सेक्टर और विधान सभा क्षेत्र समितियों के मौजूदा व पूर्व पदाधिकारी हैं। अलीगंज स्थित श्री सिद्दीकी के निज आवास के बाहर इकट्ठा हुए बसपाइयों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से जिलाध्यक्ष को त्यागपत्र भेजा। नसीमुद्दीन के निष्कासन पर गहरा आक्रोश जताते हुए इसकी साजिश करने वाले बसपा नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
साथ ही, पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इनमें सेक्टर महासचिव जैनुद्दीन सौदागर (खुटला) समेत हरिश्चंद्र वर्मा (खाईपार), पूर्व सेक्टर अध्यक्ष शाहिद अली व सरफराज उर्फ गुड्डू, सेक्टर सचिव शाकिर खां, जाकिर खां, महासचिव आरिफ अली, मुबीन अहमद, मकसूद अहमद, हाफिज मतलूब, फहीम सौदागर, शमीम सिद्दीकी, सलीम, शमशाद अली, पप्पू, अब्दुल वदूद, सुरेंद्र कुमार प्रजापति, संतोष प्रजापति, अनिल श्रीवास, लालू सोनकर, मुबीन मंसूरी, शराफत मंसूरी इत्यादि शामिल थे।