मुख्यमंत्री के बयान पर नरेश अग्रवाल का पलटवार "प्रजातंत्र में ऐसी भाषा निंदनीय है"
हरदोई। सोमवार को नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री के हरदोई से ही बिजली संकट की शुरूआत के बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद नरेश अग्रवाल ने पलटवार किया है। मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान सपा सांसद ने कहा कि वह डंके की चोट पर इस सच को स्वीकार करते हैं कि ऊर्जा मंत्री रहने के दौरान उन्होंने महानगरों तक में बिजली कटौती कराकर हरदोई को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दिलाई। बाद की सपा सरकार में भी हरदोई को भरपूर बिजली दिलाने में कसर नहीं छोड़ी।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भाजपा के नगर निकाय के प्रत्याशियों के पक्ष में राजकीय इंटर कालेज के मैदान में जनसभा की थी। जनसभा के दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि हरदोई से ही बिजली संकट की शुरूआत लगभग दो दशक पहले हुई थी। उनका इशारा सपा सांसद तत्कालीन ऊर्जा मंत्री नरेश अग्रवाल की तरफ था।
मुख्यमंत्री के इस बयान को भुनाने में नरेश अग्रवाल ने कोई चूक नहीं की। मंगलवार को अपने वैटगंज स्थित आवास पर उन्होंने कहा कि वह जब जब सत्ता में रहे हैं, तो हरदोई को चौबीस घंटे बिजली दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जब वह ऊर्जा मंत्री थे तो लोग नैनीताल मंसूरी जाने के बजाय हरदोई में रहने वाले रिश्तेदारों के घर आना पसंद करते थे।
सांसद नरेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पर विधायकों और सांसदों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। दरअसल सोमवार की जनसभा में जिले के किसी भी सांसद विधायक को मुख्यमंत्री के मंच पर जगह नहीं मिली थी। अपराधियों को घुसकर मारने संबंधी बयान पर सपा सांसद ने कहा कि प्रजातंत्र में ऐसी भाषा निंदनीय है। ऐसी ही भाषाओं के चलते पुलिस निरंकुश होती है और फर्जी इनकाउंटर किए जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह जब-जब मुख्यमंत्री को जिले में लाए तो सौगातों का पिटारा खुलवाया, लेकिन भाजपाई मुख्यमंत्री आए तो जिले को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाही ढंग से कार्य कर रही है। व्यापारियों से वायदा किया कि अगर सपा की सरकार बनीं तो जीएसटी जैसा काला कानून वापस ले लेंगे।