{"_id":"6abd6d81964bcc29ed0ca94a","slug":"mushroom-cultivation-will-be-promoted-in-the-district-women-will-be-trained-kanpur-news-c-220-1-ka21001-149762-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: जनपद में मशरूम की खेती को दिया जाएगा बढ़ावा, महिलाएं होगी प्रशिक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: जनपद में मशरूम की खेती को दिया जाएगा बढ़ावा, महिलाएं होगी प्रशिक्षित
Thu, 01 Oct 2026 01:43 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जनपद में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए और समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए 35-35 महिलाओं का बैच बनाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें कारोबार शुरू करने के लिए योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब 10 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इन समूह से एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। एनआरएलएम विभाग ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए अभियान चलाते हुए उन्हें कौशल के अनुसार ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया का रहा है। आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पहले बैच की शुरुआत नौ अक्तूबर से होगी। इसके लिए महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं।
इसमें इन्हें मशरूम की खेती में कृषि व फसल उत्पादन के साथ गाय, भैंस, बकरी पालन से संबंधित आवश्यक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे वह खुद का कारोबार करने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। आरसेटी निदेशक मयंक कटियार ने बताया कि जनपद में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिए जाने के साथ समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें सीसीएल के तहत 1.5 लाख व सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में करीब 10 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इन समूह से एक लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। एनआरएलएम विभाग ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए अभियान चलाते हुए उन्हें कौशल के अनुसार ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया का रहा है। आरसेटी प्रशिक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पहले बैच की शुरुआत नौ अक्तूबर से होगी। इसके लिए महिलाओं से आवेदन मांगे गए हैं।
विज्ञापन
इसमें इन्हें मशरूम की खेती में कृषि व फसल उत्पादन के साथ गाय, भैंस, बकरी पालन से संबंधित आवश्यक और व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे वह खुद का कारोबार करने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकेंगी। आरसेटी निदेशक मयंक कटियार ने बताया कि जनपद में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिए जाने के साथ समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने पर इन्हें सीसीएल के तहत 1.5 लाख व सीएम युवा उद्यम योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ऋण दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी।
विज्ञापन