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Mulayam Singh Yadav Death: नहीं होगी मुलायम सिंह की तेरहवीं, जानिए क्या है वजह?
Wed, 12 Oct 2022 03:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 12 Oct 2022 03:48 PM IST
सार
सैफई की परम्परा के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं का आयोजन नहीं होगा। दरअसल सैफई में तेरहवीं की परंपरा नहीं है। रीति रिवाज के मुताबिक 11 अक्टूबर से 11वें दिन शुद्धिकरण हवन होगा।
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यहीं हुआ था मुलायम सिंह का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सैफई की परम्परा के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं का आयोजन नहीं होगा। बुधवार शाम से पाठ होगा। 11वें दिन शुद्धिकरण हवन होगा। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव मंगलवार को पंच तत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव सैफई में अंतिम संस्कार हुआ था।
वहीं आज सुबह अखिलेश पिता की अस्थियां लेने के लिए गए और उसके बाद परिवार के साथ शुद्धिकरण संस्कार में शामिल हुए। सैफई की परम्परा के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं का आयोजन नहीं होगा। दरअसल सैफई में तेरहवीं की परंपरा नहीं है। रीति रिवाज के मुताबिक 11 अक्टूबर से 11वें दिन शुद्धिकरण हवन होगा।
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सैफई के लोगों का मानना है कि अगर कोई बड़ा आदमी तेरहवीं करता है तो उसे देखकर गरीब आदमी भी करेगा और उस पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी वजह से यह व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार को गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हुआ था। वह 82 वर्ष के थे। उनका पार्थिव शरीर सोमवार शाम सैफई लाकर उनके आवास में रखा गया, जहां हजारों लोग नेताजी को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे।
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वहीं आज सुबह अखिलेश पिता की अस्थियां लेने के लिए गए और उसके बाद परिवार के साथ शुद्धिकरण संस्कार में शामिल हुए। सैफई की परम्परा के मुताबिक मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं का आयोजन नहीं होगा। दरअसल सैफई में तेरहवीं की परंपरा नहीं है। रीति रिवाज के मुताबिक 11 अक्टूबर से 11वें दिन शुद्धिकरण हवन होगा।
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सैफई के लोगों का मानना है कि अगर कोई बड़ा आदमी तेरहवीं करता है तो उसे देखकर गरीब आदमी भी करेगा और उस पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी वजह से यह व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार को गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हुआ था। वह 82 वर्ष के थे। उनका पार्थिव शरीर सोमवार शाम सैफई लाकर उनके आवास में रखा गया, जहां हजारों लोग नेताजी को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे।