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मोहन भागवत बोले हिंदू धर्मस्थलों के संरक्षण को लेकर चले अभियान, आसपास के मंदिरों में रोजाना करें भजन-कीर्तन
Sat, 12 Sep 2020 03:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 12 Sep 2020 03:39 PM IST
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डॉ. मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दूसरे दिन के संबोधन (बौद्धिक) में धर्म जागरण विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं और हिंदू धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर अभियान के तौर पर कार्य करने की जरूरत है। देश में ऐसे बहुत से धर्मस्थल हैं, जहां पर जनजागरण की आवश्यकता है।
उन्होंने सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद दूसरे ऐसे स्थानों के मंदिरों की तरफ इशारा किया। कहा कि ऐसे मंदिरों का जीर्णोद्धार करके वहां पर नियमित रूप से भजन-कीर्तन और पूजन होेने चाहिए। इसके लिए परिवार स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक अभियान चलाया जाए।
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उन्होंने सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद दूसरे ऐसे स्थानों के मंदिरों की तरफ इशारा किया। कहा कि ऐसे मंदिरों का जीर्णोद्धार करके वहां पर नियमित रूप से भजन-कीर्तन और पूजन होेने चाहिए। इसके लिए परिवार स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक अभियान चलाया जाए।
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इस कार्य के लिए विश्व हिंदू परिषद को जिम्मेदारी दी गई है। यह अभियान पूरी तरह से व्यवस्थित रहे और लोगों में जनजागरण चलता रहे, इसी उद्देश्य से संघ के कानपुर प्रांत से जुड़े औरैया के विभाग प्रचारक मधुराम को विश्व हिंदू परिषद में प्रांत संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार की टोलियां बनाकर आसपास के मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन रोजाना किया जाए। धीरे-धीरे इनकी संख्या और बढ़ाई जाए ताकि धर्म जागरण में ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें। इसी तरह पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण को लेकर चर्चा की।
संघ प्रमुख ने कहा कि वनों के साथ वन औषधियों को भी बचाकर रखने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधरोपण करने और उसकी सुरक्षा करने का संदेश दिया। इस अवसर पर क्षेत्र संघचालक क्षेत्र प्रचारक प्रांत प्रचारक विभाग प्रचारक सहित संघ के अनेक स्वयंसेवक मौजूद रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार की टोलियां बनाकर आसपास के मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन रोजाना किया जाए। धीरे-धीरे इनकी संख्या और बढ़ाई जाए ताकि धर्म जागरण में ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें। इसी तरह पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण को लेकर चर्चा की।
संघ प्रमुख ने कहा कि वनों के साथ वन औषधियों को भी बचाकर रखने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधरोपण करने और उसकी सुरक्षा करने का संदेश दिया। इस अवसर पर क्षेत्र संघचालक क्षेत्र प्रचारक प्रांत प्रचारक विभाग प्रचारक सहित संघ के अनेक स्वयंसेवक मौजूद रहे।