फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Mohan Awasthi, who drove away the accused of Bikroo kand was arrested

बिकरू कांड: आरोपियों को भगाने वाला मोहन अवस्थी गिरफ्तार, कोर्ट ने जारी किया था एनबीडब्ल्यू

Wed, 07 Dec 2022 12:35 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 07 Dec 2022 12:35 PM IST
सार

पनकी थाना पुलिस ने बिकरू कांड के आरोपियों को भगाने में मदद करने वाले मोहन अवस्थी को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वो फरार चल रहा था। चार दिन पहले उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी हुआ था।

विज्ञापन
Mohan Awasthi, who drove away the accused of Bikroo kand was arrested
बिकरू कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिकरू कांड के आरोपियों को भगाने और पनाह देने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी मोहन अवस्थी को पनकी पुलिस ने कानपुर देहात से गिरफ्तार किया है। जमानत पर छूटने के बाद मोहन अवस्थी लगातार कोर्ट की तारीखों पर नहीं पहुंच रहा था। कोर्ट ने चार दिन पहले उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया था।

विज्ञापन

पनकी थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि चौबेपुर जरारी गांव निवासी मोहन अवस्थी को गिरफ्तार किया गया है। विकास अपने गुर्गों के साथ मोहन के झींझक स्थित मकान में रुका था। जेल से जमानत छूटने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। कोर्ट ने उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया था।
विज्ञापन

बता दें कि बिकरू कांड के बाद विकास अपने गुर्गे प्रभात और अमर दुबे के साथ फरार हुआ था। इसमें प्रभात ने शिवली निवासी दोस्त विष्णु कश्यप को फोन करके शिवली नदी पुल के पास कार लेकर बुलाया था। विष्णु अपने दोस्त छोटू की स्विफ्ट कार लेकर कैलई रोड तिराहे पहुंचा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहां से सभी लोग विष्णु के बहनोई रामजी के घर रसूलाबाद तुलसीपुर गए थे। तीन जुलाई, 2020 की दोपहर अमर को रामजी करियाझाला में संजय परिहार की बगिया ले गया। शाम को विकास और प्रभात को भी वहीं पहुंचाया था। यहां अभिनव तिवारी, अर्पित मिश्रा उर्फ पुत्तू मिश्रा, विक्की यादव, अमन शुक्ला, मोहन अवस्थी आदि मौजूद थे।

इसके बाद शुभम ने विकास, अमर और प्रभात को दो दिन तक अपने ठिकाने पर रुकवाया था। पांच जुलाई, 2020 के बाद तीनों बदमाशों को शुभम अपनी कार से औरैया छोड़ आया था। यहां से तीनों फरीदाबाद पहुंचे थे। बाद में तीनों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था।

एनकाउंटर के बाद असलहों का जखीरा रामजी, अर्पित और विष्णु के पास था। मामला ठंडा होने पर आठ माह बाद रामजी ने असलहे और कारतूस बेचने के प्रयास शुरू किए थे। जनवरी में संजय, अमन और अभिनव ने रामजी से संपर्क किया था।

संजय ने एक सेमी ऑटोमेटिक रायफल व एक डबल बैरल बंदूक का सौदा इटावा-भिड रोड स्थित पेट्रोल पंप मालिक सत्यवीर सिंह यादव के रिश्तेदार मनीष यादव से किया था। इसी दौरान एसटीएफ ने असलहा खरीदने वाले समेत सात आरोपितों को दबोचा था। उसका पनकी थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed