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मॉकड्रिल : यमुना में डूब रहे दो लोगों व उनके मवेशियों को बचाया

Fri, 27 Jun 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 27 Jun 2025 12:59 AM IST
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Mock drill: Two people and their cattle drowning in Yamuna were rescued
राजपुर। पहाड़ों पर बारिश होने से इस बार भी यमुना नदी में बाढ़ आने की आशंका है। यदि यमुना नदी में बाढ़ आई तो सिकंदरा तहसील के 20 गांव प्रभावित होंगे। इन गांवों में बाढ़ के पानी से किसी भी जनहानि को रोकने के लिए प्रशासन सजग है।
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गुरुवार को बैजामऊ बांगर में एसडीएम एसडीएम शालिनी उत्तम, सीओ आलोक कुमार, जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में यमुना नदी किनारे मॉकड्रिल की गई। जिसमें दोपहर एक बजे के करीब लाउड स्पीकर पर अलर्ट जारी किया गया। जिसमें हथनीकुंड बांध से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने से खेतों में काम कर रहे दो किसानों व उनके दो मवेशियों के डूबने की जानकारी दी गई।
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इस पर बाढ़ चौकी पर मौजूद आपदा व दमकल टीम ने तुरंत स्टीमर नदी में उतारकर पांच मिनट में डूब रहे दोनों किसानों व उनके मवेशियों को बाहर निकाल लिया। इसके बाद दोनों किसानों को बेहोशी की हालत में नजदीकी चिकित्सा कैंप में ले गए। वहां डॉक्टर ने उनका उपचार किया। मॉकड्रिल के दौरान दमकल टीम ने स्थानीय गोताखोरों को बाढ़ में स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरे का जीवन बचाने के गुर सिखाए।
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इससे पहले गांव के संविलियन विद्यालय में अधिकारियों ने ग्रामीणों आपदा प्रबंधन की जानकारी दी। साथ ही बाढ़ के दौरान नदी के करीब न जाने की भी सलाह दी। यहां नायब तहसीलदार सुधीर यादव, सिकंदरा दमकल टीम प्रभारी मुकेश कुमार, राजपुर पीएचसी अधीक्षक डाॅ. अमित निरंजन मौजूद रहे।

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बाढ़ चौकी अभी नहीं हुई सक्रिय
राजपुर। बारिश के समय यमुना नदी में बाढ़ आने के कारण सिकंदरा तहसील के जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बांगर, गौहानी बांगर, भुपैय्यापुर, बैजामऊ बांगर, बछाटी समेत करीब 20 प्रभावित होते हैं। बाढ़ आने से इन गांवों का जन जीवन प्रभावित हो जाता है। बाढ़ से किसानों की हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से अनाज के साथ मवेशियों के चारा की भी समस्या खड़ी हो जाती है। वहीं, बाढ़ का पानी निकलने के बाद गांवों में संक्रामक बीमारियों के फैलने व जहरीले कीटों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बार भी यमुना नदी में बाढ़ आने की आशंका है। मगर जिम्मेदारों की ओर से अभी तक ग्रामीणों को बाढ़ के बचाने के लिए सुरक्षित स्थान का चिह्नीकरण नहीं किया गया है और न ही बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। एसडीएम शालिनी उत्तम ने बताया कि लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को क्षेत्र में भेजकर संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों की सूची तैयार करवा ली गई है। जल्द ही बाढ़ चौकियां सक्रिय कराई जाएंगी।
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