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डॉ. सडरेला की पीएचडी रद्द करने से एमएचआरडी का इंकार, अब आईआईटी प्रशासन को दिए ये निर्देश
Tue, 07 May 2019 11:54 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 May 2019 11:54 PM IST
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आईआईटी कानपुर
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के एयरोस्पेस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रमण्यम सडरेला को थिसिस चोरी के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने बड़ी राहत दी है। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि डॉ. सडरेला की पीएचडी डिग्री नहीं रद्द की जाएगी।
मंत्रालय ने इस मामले में खुद दखल देते हुए आईआईटी को ऐसे मामलों पर कार्रवाई के लिए नियम बनाने का भी निर्देश दिया है। मंत्रालय ने मामले में आईआईटी निदेशक से जवाब भी मांगा है। बता दें कि इसके पहले इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) ने भी डॉ. सडरेला की डिग्री रद्द करने से इंकार कर दिया गया था।
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मंत्रालय ने इस मामले में खुद दखल देते हुए आईआईटी को ऐसे मामलों पर कार्रवाई के लिए नियम बनाने का भी निर्देश दिया है। मंत्रालय ने मामले में आईआईटी निदेशक से जवाब भी मांगा है। बता दें कि इसके पहले इंस्टीट्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) ने भी डॉ. सडरेला की डिग्री रद्द करने से इंकार कर दिया गया था।
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कानपुर आईआईटी
बोर्ड में यह मामला सीनेट की सिफारिशों के आधार पर रखा गया था। सीनेट ने डॉ. सडरेला की पीएचडी डिग्री रद्द करने की सिफारिश की थी। बीओजी ने पूरे मामले की जांच उच्च कमेटी से कराने का फैसला लिया था। यह कमेटी टेक्निकल एक्सपर्ट की होगी और इसके सारे सदस्य बाहरी होंगे।
कमेटी निर्धारण करने के लिए बोर्ड ने निदेशक प्रो. अभय करंदीकर को अधिकार दिया है। अब बोर्ड में यह मामला तभी आएगा जब उच्च कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि डॉ. सडरेला का क्या करना है। ऐसे में अब बोर्ड के मिनट्स का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद तय होगा कि आगे क्या करना है।
कमेटी निर्धारण करने के लिए बोर्ड ने निदेशक प्रो. अभय करंदीकर को अधिकार दिया है। अब बोर्ड में यह मामला तभी आएगा जब उच्च कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि डॉ. सडरेला का क्या करना है। ऐसे में अब बोर्ड के मिनट्स का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद तय होगा कि आगे क्या करना है।