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एडीएम की अध्यक्षता वाली टीम ने शुरु की अवैध खनन की जांच
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तालाब खनन की जांच कराते एडीएम, एसडीएम आदि। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। रसूलाबाद में तालाब सुंदरीकरण के नाम पर किए गए मिट्टी खनन की जांच के लिए डीएम ने एडीएम वित्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। तीन दिन में टीम से रिपोर्ट भी तलब की गई है। सोमवार को एडीएम की टीम जांच करने मौके पर पहुंची। छानबीन में सामने आया कि खनन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।
रसूलाबाद के सुभाष नगर के किसान इंद्रपाल सिंह ने सुसाइड नोट में नगर पंचायत की तरफ से उनके बाग में अवैध मिट्टी खनन कराने व कब्जा करने की बात लिखकर आत्महत्या कर ली थी। मिट्टी खनन से इंद्रपाल के बाग के छह पेड़ गिर गए थे, बाकी पेड़ों पर भी खतरा मंडरा रहा है। किसान ने कई बार एसडीएम से शिकायत की लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब आत्महत्या करने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व जेपी गुप्ता, खनन अधिकारी अजय कुमार व ईओ झींझक पवन किशोर की तीन सदस्यीय टीम गठित की। सोमवार को टीम मौके पर पहुंची। एडीएम ने लेखपाल से गाटा संख्या के बाबत जानकारी जुटाई। इस पर लेखपाल ने बताया कि गाटा संख्या 2086 में तालाब दर्ज है। इसी के बगल के रकबा में पेड़ खड़े हैं। वह जगह भी तालाब की है लेकिन खसरा में पेड़ मृतक इंद्रपाल के नाम दर्ज हैं। मृतक को ये जमीन हरियाली पट्टा के नाम पर दी गई थी।
टीम ने पाया कि तालाब के नाम दर्ज भूमि से कई गुना अधिक जमीन पर खुदाई की गई है। निर्धारित मानक से अधिक गहराई में मिट्टी खोदी गई है। एडीएम ने एसडीएम से पूछा कि बड़े पैमाने पर खनन हुआ है ये मिट्टी उठकर दूसरी जगह क्यों गई। इस पर एसडीएम चुप्पी साधे रहे। वह कोई जवाब नहीं दे सके। वहीं, नगर पंचायत के लोग एसडीएम पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मृतक के परिजन भी एसडीएम व राजस्व कर्मियों की भूमिका से नाराज हैं। हालांकि अब अफसर उन्हें मैनेज करने में लगे हैं।
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मिट्टी खनन का मामला संज्ञान में आने पर जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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रसूलाबाद के सुभाष नगर के किसान इंद्रपाल सिंह ने सुसाइड नोट में नगर पंचायत की तरफ से उनके बाग में अवैध मिट्टी खनन कराने व कब्जा करने की बात लिखकर आत्महत्या कर ली थी। मिट्टी खनन से इंद्रपाल के बाग के छह पेड़ गिर गए थे, बाकी पेड़ों पर भी खतरा मंडरा रहा है। किसान ने कई बार एसडीएम से शिकायत की लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब आत्महत्या करने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व जेपी गुप्ता, खनन अधिकारी अजय कुमार व ईओ झींझक पवन किशोर की तीन सदस्यीय टीम गठित की। सोमवार को टीम मौके पर पहुंची। एडीएम ने लेखपाल से गाटा संख्या के बाबत जानकारी जुटाई। इस पर लेखपाल ने बताया कि गाटा संख्या 2086 में तालाब दर्ज है। इसी के बगल के रकबा में पेड़ खड़े हैं। वह जगह भी तालाब की है लेकिन खसरा में पेड़ मृतक इंद्रपाल के नाम दर्ज हैं। मृतक को ये जमीन हरियाली पट्टा के नाम पर दी गई थी।
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टीम ने पाया कि तालाब के नाम दर्ज भूमि से कई गुना अधिक जमीन पर खुदाई की गई है। निर्धारित मानक से अधिक गहराई में मिट्टी खोदी गई है। एडीएम ने एसडीएम से पूछा कि बड़े पैमाने पर खनन हुआ है ये मिट्टी उठकर दूसरी जगह क्यों गई। इस पर एसडीएम चुप्पी साधे रहे। वह कोई जवाब नहीं दे सके। वहीं, नगर पंचायत के लोग एसडीएम पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मृतक के परिजन भी एसडीएम व राजस्व कर्मियों की भूमिका से नाराज हैं। हालांकि अब अफसर उन्हें मैनेज करने में लगे हैं।
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मिट्टी खनन का मामला संज्ञान में आने पर जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम