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Kanpur News: सीएसए में 35 एकड़ में स्थापित होगा मिनी जापान, किसान सीखेंगे खेती की तकनीक

Sat, 13 Sep 2025 02:32 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:32 AM IST
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Mini Japan will be established in 35 acres in CSA, farmers will learn farming techniques
सीएसए में जापानी प्रतिनि​धि मंडल के साथ वैज्ञानिक व अन्य। - फोटो : संवाद
कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में किसानों को जापानी तकनीक से खेती का प्रशिक्षण देने के लिए मिनी जापान स्थापित किया जाएगा। इसके लिए दलीप नगर में 35 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस क्षेत्र में किसानों को खेती की तकनीक से लेकर ट्रैक्टर चलाने तक की ट्रेनिंग दी जाएगा।
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जापान ने इसके लिए 35 करोड़ का सीएसआर फंड भी जारी किया है। सीएसए में शुक्रवार को जापान, उप्र सरकार और विवि के बीच तीसरी संयुक्त कार्य समूह की बैठक में यह बातें मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. केवी राजू ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि यहां किसानों को एआई के साथ मिट्टी की गुणवत्ता जांचने, उन्नत बीज प्रयोग सहित अन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा। जापानी तकनीक के प्रयोग से धान में 30 फीसदी तक उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
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वर्चुअल माध्यम से जुड़े राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम बोबडे ने कहा कि इस तकनीक को खेतों तक पहुंचाएं और पाठ्यक्रम में बदलाव कर छात्रों को भी इसके बारे में पढ़ाएं।

अध्यक्षता कर रहे विवि के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि जापानी आईमैक फिल्म फार्मिंग तकनीक से उच्च गुणवत्ता युक्त चेरी टमाटर का उत्पादन होता है और फलों में मीठापन अधिक होता है। किसान जिले में फसल का उत्पादन कर जापान में इसकी बिक्री भी कर सकते हैं। इसको लेकर भी जापानी प्रतिनिधि मंडल के साथ बात हुई है।

उन्होंने कहा कि जापानी तकनीक की मदद से सोलर पैनल के नीचे की भूमि का उपयोग भी खेती में किया जा सकता है जबकि देश में इन पैनल के नीचे की भूमि का उपयोग नहीं हो रहा है। इसके साथ ही जैव उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाएगा जिससे जड़ें मिट्टी से पर्याप्त मात्रा में पोषकतत्व लेकर पौधों तक पहुंचा सकें।


बैठक में मोबाइल इंक टोमैटेक कंपनी, मियाची कॉरपोरेशन, निचिनो इंडिया, एस्कॉर्ट कुबोटा के वैज्ञानिकों ने अपनी तकनीक का प्रदर्शन किया। जापान के डॉ. कोजी व डॉ. सुशील एमामोटो ने मॉडल फॉर्म प्रोजेक्ट की गतिविधियों एवं कार्य योजना को बताया। संचालन अजूसा मिशमा ने किया। कार्यक्रम में जापान की 20 से अधिक कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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