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मर्केंटाइल बैंक की जांच शुरू

Thu, 28 Jul 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 28 Jul 2016 01:26 AM IST
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Mercantile Bank checks
विजया बैंक
कानपुर। यूनाइटेड मर्केंटाइल बैंक लिमिटेड में हो रही भारी अनियमितताओं की जांच रिजर्व बैंक  ने शुरू कर दी है। बुधवार को रिजर्व बैंक लखनऊ से अर्बन बैंक डिपार्टमेंट की दो सदस्यीय टीम यहां पहुंची और दस्तावेज की पड़ताल की। गांधीनगर, पी रोड स्थित बैंक के मुख्यालय में लोन एकाउंट चेक किए।
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पांच घंटे की जांच पड़ताल के बाद टीम के सदस्य जीटी रोड स्थित एक होटल चले गए। माना जा रहा है कि जांच एक दो दिन तक जारी रहेगी। गोपनीय जांच के नाम पर रिजर्व बैंक के अधिकारियों ने इस मसले पर कुछ भी बताने से इनकार किया, लेकिन विभागीय सूत्रों ने बताया कि जांच टीम सुबह 11ः30 बजे बैंक पहुंची। कंप्यूटर पर विभिन्न तरह के लोन एकाउंट देखे। कुछ दस्तावेज चेक किए। कई दस्तावेज अपने साथ भी ले गए। दोपहर में जांच टीम के सदस्य कुछ समय के लिए बाहर भी गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान बैंक की सर्वोदय नगर और दर्शनपुरवा शाखा के दस्तावेज भी जांचे।
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एफडीआर गायब होने के मामले में भी शिकायत  के इंद्रानगर निवासी अत्रि शर्मा ने अपने सिक्योर्ड करेंट एकाउंट के लिए जमा की गई 20 लाख रुपये की एफडीआर बैंक से गायब होने की शिकायत वित्तमंत्री से लेकर रिजर्व बैंक तक की है। बैंक ने एफडीआर के बदले खाताधारक के पिता के पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य बीमा पॉलिसी की रकम रोक ली है। हालांकि यह मामला अभी हाईकोर्ट में है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के कुछ पूछने से पहले ही रिजर्व बैंक ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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ये हैं अनियमितताएं
मर्केंटाइल बैंक में कई स्तर पर अनियमितताएं हैं। यहां दस्तावेजों की जांच पड़ताल के बगैर खैरात की तरह लोन बांटे गए। नतीजे में बैंक के 40 फीसदी तक एकाउंट एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) घोषित हो गए। लोन देने के बाद बैंक अधिकारियों ने कमीशनखोरी के चलते ऋण वापस लेने के प्रयास भी नहीं किए। लोन देने से पहले बंधक के रूप में जरूरी दस्तावेज नहीं लिए गए। पूर्व में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहाकारिता प्रमोद वीर आर्य की रेंडम जांच में भी यह अनियमितता पकड़ी गई थी। इस मामले में बैंक के सचिव रामचंद्र वर्मा और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स संदेह के घेरे में हैं। बैंक की शहर में 14 शाखाएं हैं।


 
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