एक पल में बिछड़ी इनकी खुशी, अपनों की ‘तलाश’ हो रही हर कहीं
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लखनऊ के विनोद ने बताया कि वह पिछले छह घंटे से अपने माम वीरेंद्र सिंह चौहान को ढूंढ रहे हैं लेकिन अभी तक उनका कुछ भी पता नहीं चला है। घायलों की लिस्ट देखी है उसमें भी उनका नाम नहीं है। इसी तरह शबनम और रुख्सार का अपने मातापिता से बिछड़ने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। उधर रेलवे प्रशासन की ओर से घायलों, लापता यात्रियों और मरने वाले लोगों का नाम एनाउंस कराया जा रहा है। दुर्घटना स्थल पर आठ माह की एक और बच्ची अकेली मिली है। इसके अलावा आठ साल का लड़का रोते हुए मिला है, अभी तक उसके परिजनों का कोई पता नहीं चला है।