आजकल सब प्रदूषित, मनुष्य का हृदय भीः मंदाकिनी दीदी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने कहा कि सूर्य की किरणें पहले लाभ पहुंचाती थीं, अब वे भी नुकसान देने लगी हैं। किसान कीटनाशक का प्रयोग कर अन्न दूषित कर रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर इंसान की लाभ पाने की लालसा लोभ में बदल गई है। इससे वर्तमान की ही नहीं, आने वाली पीढ़ी को भी नुकसान है।
अयोध्या के राजा दशरथ की रानी कैकई और उनकी दासी मंथरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैकई जब मायके में थीं तो उनमें लोभ था। जब अयोध्या आईं और अच्छे लोगों का साथ पाकर उनका यह लोभ खत्म हो गया। बाद में उन्हें मंथरा का साथ मिला तो उनमें वह लोभ फिर से जाग उठा। लोभ दूर करने का एक मात्र उपाय है, सत्संग करना। दीदी की मानस प्रवचन कथा कई दिनों तक चलेगी।