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Kanpur News: नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की कैद
Sat, 13 Jun 2026 02:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:17 AM IST
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कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में छह साल पहले एक नाबालिग को अगवा कर दुष्कर्म किए जाने के मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
घाटमपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस को बताया था कि 11 दिसंबर 2020 को वह खेत पर सिंचाई के लिए गया था। घर पर उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। इस बीच मौका पाकर तरगांव का रहने वाला नरेश सिंह उर्फ बाबू उसके बेटी को अगवा कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह आरोपी से बचकर बेटी घर पहुंचीं उसने पूरी आप बीती बताई। पीड़िता के बयान व पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा था।
वहीं, पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट शरद कुमार त्रिपाठी की कोर्ट में चल रही थी। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त नरेश को दोषसिद्ध करते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश किया कि अर्थदंड की आधी धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को दी जाएगी। अर्थदंड न चुकाने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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घाटमपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस को बताया था कि 11 दिसंबर 2020 को वह खेत पर सिंचाई के लिए गया था। घर पर उसकी नाबालिग बेटी अकेली थी। इस बीच मौका पाकर तरगांव का रहने वाला नरेश सिंह उर्फ बाबू उसके बेटी को अगवा कर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह आरोपी से बचकर बेटी घर पहुंचीं उसने पूरी आप बीती बताई। पीड़िता के बयान व पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा था।
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वहीं, पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए थे। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट शरद कुमार त्रिपाठी की कोर्ट में चल रही थी। साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त नरेश को दोषसिद्ध करते हुए 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश किया कि अर्थदंड की आधी धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को दी जाएगी। अर्थदंड न चुकाने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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