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पत्नी की बेवफाई और अकेलेपन से परेशान हुआ पति, फिर पिता ने सुबह जो देखा उससे 'हाथ पांव फूल गए'
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 12 Aug 2018 06:35 PM IST
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पत्नी की बेवफाई से आहत पति ने शनिवार की रात दर्दनाक कदम उठा लिया। सुबह 8 बजे तक बेटे के कमरे से बाहर न निकलने पर वृद्घ पिता ने जाकर देखा तो उसके हाथ पांव फूल गए। पिता की चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना यूपी के महोबा जिले की है।
ग्राम अजनर निवासी मंगल विश्वकर्मा (24) पुत्र बालादीन विश्वकर्मा की एक साल पहले शादी मध्य प्रदेश के थाना बड़ा मलहरा के ग्राम सिगरावनपुरा में रचना से हुई थी। शादी के बाद से तीन माह तक पत्नी का ससुराल आना जाना चलता रहा। इसके बाद वह मायके चली गई। कई बार पति के बुलाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी, जिससे पति खासा परेशान रहने लगा।
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ग्राम अजनर निवासी मंगल विश्वकर्मा (24) पुत्र बालादीन विश्वकर्मा की एक साल पहले शादी मध्य प्रदेश के थाना बड़ा मलहरा के ग्राम सिगरावनपुरा में रचना से हुई थी। शादी के बाद से तीन माह तक पत्नी का ससुराल आना जाना चलता रहा। इसके बाद वह मायके चली गई। कई बार पति के बुलाने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी, जिससे पति खासा परेशान रहने लगा।
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वह अकेलापन महसूस करने लगा था
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दो माह पहले मंगल सिंह की भाभी रचना को अपने पास दिल्ली ले गई। कुछ दिन पहले भाभी ने मंगल को भी बुला लिया। इसके बाद तीन दिन पहले मंगल पत्नी को लेकर दिल्ली से अपने गांव वापस लौट रहा था। तभी पत्नी ससुराल जाने के बजाय रास्ते में उतरकर बस से अपने मायके चली गई।
पत्नी के जाने के बाद से पति गुमसुम रहने लगा। स्वयं खाना बनाना, इसके बाद काम पर जाना और फिर घर पर अकेले रहने से वह अकेलापन महसूस करने लगा था। शनिवार की रात को उसने कच्चे मकान के लठ्ठे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। कमरे में अकेला रहने के कारण कोई उसे देख नहीं सका। रविवार को सुबह 8 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने पर उसके पिता ने जाकर फांसी पर लटका देखा तो उसके हाथ पांव फूल गए। चीख पुकार सुनकर घर के लोग दौड़ पड़े। बाद में पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पत्नी के जाने के बाद से पति गुमसुम रहने लगा। स्वयं खाना बनाना, इसके बाद काम पर जाना और फिर घर पर अकेले रहने से वह अकेलापन महसूस करने लगा था। शनिवार की रात को उसने कच्चे मकान के लठ्ठे से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। कमरे में अकेला रहने के कारण कोई उसे देख नहीं सका। रविवार को सुबह 8 बजे तक घर से बाहर नहीं निकलने पर उसके पिता ने जाकर फांसी पर लटका देखा तो उसके हाथ पांव फूल गए। चीख पुकार सुनकर घर के लोग दौड़ पड़े। बाद में पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।